24 News Update अजमेर। सरकारी दफ्तरों में फाइलें चलती हैं या नोट—इस सवाल का जवाब एक बार फिर एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई ने दे दिया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मामला वर्क ऑर्डर जारी करने से जुड़ा है। आरोप है कि अधिकारी ने ठेकेदार से पुराने वर्क ऑर्डर आगे बढ़ाने के बदले 2 लाख रुपए की मांग की थी। परेशान ठेकेदार ने आखिरकार एसीबी का दरवाजा खटखटाया। शिकायत का सत्यापन हुआ, जाल बिछाया गया और सोमवार को इंजीनियर को उसके कार्यालय में रिश्वत लेते हुए दबोच लिया गया। एसीबी की कार्रवाई के दौरान वर्क ऑर्डर से जुड़ी फाइलें भी जब्त की गई हैं। बताया जा रहा है कि यह वर्क ऑर्डर नवंबर-दिसंबर 2025 की अवधि का था, जिसे जानबूझकर लटकाया गया और फिर ‘सेटिंग’ की मांग शुरू हुई। यह गिरफ्तारी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसी अधिकारी के खिलाफ पहले भी ठेकेदारों का गुस्सा फूट चुका था। ठेकेदारों ने प्रदर्शन किए, काम का बहिष्कार किया और प्रबंधन तक शिकायतें पहुंचीं, लेकिन तब सबूतों के अभाव में मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब वही आरोप एसीबी की कार्रवाई के साथ हकीकत बनकर सामने आए हैं। डिस्कॉम प्रबंधन का कहना है कि पहले शिकायतें थीं, पर पुख्ता प्रमाण नहीं थे। अब एसीबी की गिरफ्तारी के बाद विभाग में हलचल मची हुई है। सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित रहेगी या फिर सिस्टम में बैठे बाकी “वर्क ऑर्डर इंजीनियरों” तक भी जांच पहुंचेगी?
एवीवीएनएल का सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया

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