24 News Update भीलवाड़ा ज़िले में पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत मोतीपुर की अव्यवस्थाओं को उजागर करना एक पत्रकार को भारी पड़ गया। आरोप है कि खबर प्रकाशित होने से नाराज दबंगों ने आधी रात को घर में घुसकर पत्रकार पर जानलेवा हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, जबरकिया निवासी पत्रकार भेरूलाल गुर्जर ने दो दिन पूर्व ग्राम पंचायत मोतीपुर के धोली गांव में फैली गंदगी और प्रशासनिक अनदेखी को लेकर एक समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर के बाद कथित रूप से आक्रोशित कुछ रसूखदारों ने बदले की नीयत से हमला करने की साजिश रची।पीड़ित पत्रकार के अनुसार, बीती रात करीब 10:40 बजे जब वे अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों में ओमप्रकाश जाट (मोतीपुर सरपंच का देवर), रामेश्वर लाल जाट (सहायक सचिव), पूरणमल जाट, रामा जी खेड़ा, हरफुल रायका बडला, दहीचंद जाट (राम जी का खेड़ा), पुरण गिरी (मोतीपुर), राजू वैष्णव (मोतीपुर), राजू मेवाड़ा (मोतीपुर) और हसराज पुत्र नानूराम जाट (बडला) सहित अन्य लोग शामिल थे। बताया जा रहा है कि इनके साथ 20 से 25 अज्ञात व्यक्ति भी थे, जो लाठियों और लोहे की सरियों से लैस थे। आरोप है कि हमलावरों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि घर में घुसकर अंधाधुंध हमला कर दिया। शोर-शराबा सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया, जिससे पत्रकार की जान बच सकी। गौरतलब है कि पीड़ित पत्रकार ने कुछ माह पूर्व भी इन्हीं लोगों द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। बावजूद इसके, कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए।
घटना के बाद क्षेत्र के पत्रकारों और सामाजिक संगठनों में भारी रोष व्याप्त है। इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। पीड़ित पत्रकार भेरूलाल गुर्जर ने थानाधिकारी को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है तथा दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहारः सच लिखने की मिली सजा, पत्रकार पर जानलेवा हमला

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