24 News update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। नगर के आसपुर मार्ग योगिन्द्र गिरी तलहट पर स्थित श्रीप्रभुदास धाम रामद्धारा मे मेडता उत्तराधिकारी संत रामनिवास शास्त्री महाराज ने कहा सत्संग के लिये स्थान पवित्र होना चाहिए स्थान का महत्व होता है। जैसा अन्न वैसा मन।
संत लोक भगवान की महिमा अपने आनंद के लिए गाते हैं। जिस पर भगवान की कृपा होती है वही माया से दूर रह जाता है। हमारे ऋषि कहते हैं कि मनु से मानव की सृष्टि बनी है। हमारे पूर्वज ऋषि हैं । हम ऋषियो की संतान हैं । हम सनातनी हैं हमारा धर्म सनातन है । भगवान की अनेकों सुंदर सुखदायक और अलौकिक जन्म और कर्म है । प्रत्येक युग में जब-जब भगवान अवतार लेते हैं नाना प्रकार की लीला करते हैं। मुनीओ ने परम पवित्र काव्य रचना करके प्रभु की कथाओं का गान किया और भांति भांति से अनुपम प्रसंगो का वर्णन किया है। भगवान भक्त के वश मे है भक्तवत्सल भगवान कहते है। हरीजन का अर्थ है हरी (ईश्वर) का भक्त । कल रामजन्मोत्सव मनाया जायेगा। निरज शर्मा परिवार द्धारा पोथी ओर व्यासपीठ का पूजन किया गया। सत्संग के दौरान कैलाश माकड इन्दौर ने मने लागी लगन हरी दर्शन की.. ..,भजन कर मस्त जवानी मे बुठापा किसने देखा.. सुन्दर मधुर स्वर मे भजन प्रस्तृत किय। तबले पर लोकेश ठाकुर ओर मंजीरे पर मंगेश भाटी अभिनव साउंड मेडता ने संगत दी। इस अवसर पर संत उदयराम महाराज, निरज शर्मा, हेमंत भावसार, राजेंद्र प्रसाद शुक्ला,पवन भावसार, मधुकर भावसार,उपेंद्र भावसार, प्रसाद भावसार,प्रभाशंकर बरबुदनिया, निर्मला किर, मधुबाला सोमपुरा, मोनिका भावसार,अरुणा भावसार, नैयना त्रिवेदी, अनिता सुथार, माधुरी भावसार,निर्मला भावसार, संगीता सोमपुरा आदि रामस्नेही भक्त उपस्थित रहे।
जैसा अन्न वैसा मन होगा-संत रामनिवास शास्त्री

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