24 News Update खेरवाड़ा, कल्याणपुर पुलिस थाने में करीब छह वर्षों से सुरक्षित रखी गई प्राचीन खंडित जैन प्रतिमा को आदिनाथ ट्रस्ट मंडल के आग्रह पर पुलिस प्रशासन ने जैन संग्रहालय के लिए सौंप दिया। श्री दिगंबर जैन समाज ऋषभदेव के अध्यक्ष भूपेंद्र वालावत के मार्गदर्शन में प्रतिमा को अब जवास स्थित जैन संग्रहालय ले जाया जा रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार यह प्रतिमा लगभग छठी–सातवीं सदी की प्राचीन प्रतिमा मानी जा रही है। प्रारंभिक रूप से इसे भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा माना गया है। संग्रहालय में प्रतिमा को सुरक्षित रखते हुए जैन धर्म, कला, संस्कृति एवं पुरातात्विक विरासत के संरक्षण के उद्देश्य से प्रदर्शित किया जाएगा।इस अवसर पर आदिनाथ ट्रस्ट मंडल के महामंत्री सचिन गनोडिया, सांस्कृतिक मंत्री आशीष गांधी, गौरव वालावत एवं अक्षय दलावत उपस्थित रहे। आदिनाथ ट्रस्ट ने प्राचीन प्रतिमा को सुरक्षित रखने तथा संग्रहालय तक पहुंचाने में सहयोग के लिए कल्याणपुर थानाधिकारी सोहनलाल एवं पुलिसकर्मियों का आभार व्यक्त किया। महामंत्री ने कहा कि समाज और प्रशासन के सहयोग से क्षेत्र में बिखरी हुई प्राचीन जैन धरोहरों को सुरक्षित कर जवास जैन संग्रहालय में संरक्षित करने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।जैन विरासत संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदमजवास जैन संग्रहालय क्षेत्र की प्राचीन जैन कला, संस्कृति और पुरातात्विक विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में विकसित किया जा रहा है। हाल ही में जवास में आयोजित रक्षक देवी-देवता स्थापना कार्यक्रम के दौरान कलावती देवी–गजेंद्र सुरावत परिवार द्वारा संग्रहालय का उद्घाटन किया गया था। अब कल्याणपुर थाने में वर्षों से सुरक्षित रही इस प्राचीन प्रतिमा का संग्रहालय पहुंचना जैन विरासत को संरक्षित करने और भावी पीढ़ी तक इतिहास पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation शिष्यों ने गुरुजनों का किया सम्मान, गुरु-शिष्य परंपरा का दिखा भावपूर्ण स्वरूप