24 News Update नई दिल्ली, 12 अगस्त। सरकारी आवास के स्टोररूम में कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के मामले में पूर्व दिल्ली हाईकोर्ट जज जस्टिस यशवंत वर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। संसद की जांच समिति ने उनके खिलाफ लगाए गए तीनों आरोपों को सही पाया है। समिति की रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा में पेश की गई।मामला मार्च 2025 में जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास के स्टोररूम में आग लगने के बाद वहां कथित तौर पर बड़ी मात्रा में जले और अधजले नोट मिलने से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक वहां 500 रुपये के नोटों के बंडल पाए गए थे। हालांकि नकदी की वास्तविक मात्रा निर्धारित नहीं हो सकी, क्योंकि नोटों की गिनती नहीं की गई और उन्हें जब्त कर सुरक्षित भी नहीं रखा गया। तीनों आरोपों पर समिति की मुहरपहला आरोप—स्टोररूम में बेहिसाब नकदी:समिति ने माना कि स्टोररूम में 500 रुपये के नोटों के बंडल और अधजले नोट मौजूद थे। जांच में शामिल कर्मचारियों के बयानों के आधार पर समिति ने आरोप को साबित माना। हालांकि नकदी कितनी थी, इसका सटीक आंकड़ा सामने नहीं आ सका। दूसरा आरोप—सबूतों से छेड़छाड़:समिति के अनुसार आग लगने के बाद स्टोररूम को तत्काल सुरक्षित या सील नहीं किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि रात में स्टाफ द्वारा वहां सफाई की गई और सुबह तक जला हुआ सामान हटा दिया गया। मिले हुए नोट भी सुरक्षित नहीं किए गए। समिति ने इसे महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संरक्षण में गंभीर चूक माना। तीसरा आरोप—जस्टिस वर्मा की सफाई संतोषजनक नहीं:रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस वर्मा ने शुरुआत में नकदी की जानकारी होने से इनकार किया। बाद में नकदी को कथित तौर पर नकली बताए जाने और साजिश के तहत रखे जाने जैसे दावे किए गए, लेकिन इनके समर्थन में ठोस साक्ष्य नहीं मिले। समिति ने उनकी सफाई को अधूरी, टालमटोल वाली और भ्रामक प्रभाव वाली माना। अब आगे क्या?जस्टिस वर्मा अप्रैल 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट के जज पद से इस्तीफा दे चुके हैं। जांच रिपोर्ट संसद में पेश होने के बाद अब उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता के अनुसार, जज के खिलाफ भ्रष्टाचार या आपराधिक मामले में एफआईआर दर्ज करने पर कोई सामान्य संवैधानिक रोक नहीं है। उनका कहना है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने की जरूरत है और इस्तीफा देने के बाद भी आपराधिक जांच की संभावना बनी रहती है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation OPS पर केंद्र सरकार ने दिया कर्मचारियों को झटका, संसद में कहा—फिलहाल बहाली का कोई प्रस्ताव नहीं