24 News Update नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को दोबारा लागू करने की संभावना से फिलहाल इनकार कर दिया है। लोकसभा में सरकार ने स्पष्ट किया कि पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का कोई प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। सरकार ने इसके पीछे सरकारी खजाने पर पड़ने वाले दीर्घकालिक वित्तीय भार को प्रमुख कारण बताया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सरकारों ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) से वापस पुरानी पेंशन योजना में जाने के अपने फैसले की जानकारी केंद्र सरकार और पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण को दी थी। OPS बहाली राज्यों के नीतिगत अधिकार का मामलासरकार ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि किसी राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू करने या बहाल करने का निर्णय संबंधित राज्य के नीतिगत विवेकाधिकार के तहत आता है। हालांकि, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की हालिया राज्य वित्त लेखा-परीक्षा रिपोर्टों में पुरानी पेंशन योजना की ओर लौटने से राज्यों पर पड़ने वाले संभावित वित्तीय प्रभाव और दीर्घकालिक देनदारियों को रेखांकित किया गया है। 2004 में शुरू हुई थी एनपीएसराष्ट्रीय पेंशन प्रणाली एक अंशदान आधारित पेंशन व्यवस्था है। इसे 1 जनवरी 2004 या उसके बाद केंद्र सरकार की सेवा में शामिल होने वाले कर्मचारियों के लिए लागू किया गया था। इसमें कर्मचारी और सरकार दोनों की ओर से नियमित अंशदान किया जाता है और इस राशि का निवेश किया जाता है। समय के साथ कर्मचारियों के पेंशन लाभ को बेहतर बनाने की मांग उठती रही। इसी उद्देश्य से तत्कालीन वित्त सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई थी। समिति की सिफारिशों और विभिन्न हितधारकों से चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने एक अप्रैल 2025 से एकीकृत पेंशन योजना लागू की। एनपीएस के तहत विकल्प है यूपीएसएकीकृत पेंशन योजना एनपीएस के तहत उपलब्ध विकल्प है। इसका उद्देश्य सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को निश्चित पेंशन लाभ उपलब्ध कराना है। योजना में पात्रता और सेवा अवधि जैसी शर्तों के आधार पर सुनिश्चित भुगतान की व्यवस्था की गई है तथा महंगाई के अनुरूप लाभ का भी प्रावधान है। यह व्यवस्था भी अंशदान और निवेश आधारित ढांचे से जुड़ी है, जिसमें कर्मचारी और सरकार दोनों नियमित योगदान करते हैं। केंद्र कर्मचारियों के एनपीएस का कोष 3.65 लाख करोड़ रुपयेसरकार के अनुसार 7 जुलाई तक केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एनपीएस के तहत कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां 3.65 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई हैं। प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों का अर्थ उस कुल धनराशि से है, जिसे संबंधित वित्तीय संस्थाएं निवेशकों या कर्मचारियों की ओर से प्रबंधित और निवेश करती हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर का तबादला, जंतर-मंतर आतंकी साजिश पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद गरमाई सियासत