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खेल की उम्र, ज़हर का स्वाद: बांसवाड़ा में चार मासूमों की जान पर बन आई

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24 News Update बांसवाड़ा। शाम ढलते-ढलते नल्दा गांव की एक गली में खेल बच्चों का था, लेकिन खतरा ऐसा निकला जिसने पूरे गांव की सांसें थाम दीं। आंबापुरा थाना क्षेत्र में चार मासूम बच्चों ने खेल-खेल में रतनजोत के जहरीले बीज खा लिए, जिसके कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टियां, चक्कर और घबराहट—लक्षण ऐसे थे कि परिजन पल भर में समझ गए, मामला साधारण नहीं है।
बताया जा रहा है कि रक्षीता, हर्षिता और धनराज (तीनों संदीप की संतान) तथा रितिका (देवीलाल की पुत्री) घर के बाहर खेल रही थीं। पास ही उगे रतनजोत के पौधे से तोड़े गए बीज मासूम जिज्ञासा में मुंह तक पहुंचे—और वहीं से खतरे की शुरुआत हो गई। कुछ ही समय में बच्चों को मिचली आने लगी, उल्टियां हुईं और तेज चक्कर महसूस होने लगे।
स्थिति की गंभीरता भांपते ही परिजन देर किए बिना बच्चों को बांसवाड़ा जिला मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने बिना औपचारिकताओं में उलझे उपचार शुरू किया। समय पर मिली चिकित्सा ने राहत दी—चारों बच्चों की हालत फिलहाल नियंत्रण में और खतरे से बाहर बताई जा रही है। मेडिकल टीम की निगरानी लगातार जारी है। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसी घटनाएं ग्रामीण इलाकों में बार-बार सामने आती हैं, जहां घरों और खेतों के आसपास रतनजोत जैसे जहरीले पौधे आमतौर पर उगे रहते हैं। छोटे बच्चे इन्हें पहचान नहीं पाते और खेल के दौरान अनजाने में बीज खा लेते हैं, जो शरीर पर गंभीर असर डालते हैं।

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