उदयपुर, 19 जून। हर साल की बात हो गई है बारिश आने से पहले मदार नहर का केवल एक हिस्सा ही साफ किया जाता है। उसके बाद जागरूक लोग जब हल्ला करते हैं तो उनके शोर की सामथ्र्य के हिसाब से जिला प्रशासन सफाई की औपचारिकता पूरी करवा देता है। समस्या हर साल की है मगर समाधान का स्थायी रोड मैप आखिर बनाए तो कौन बनाए। मानसून से पहले तक सफाई हो जाए यह बंदोबस्त आखिर एक एजेंसी कौनसी हो जिसके जिम्मे यह काम दे दिया जाए। इसका उत्तर है कोई नहीं। निगम की सीमा खत्म होते ही सफाई खत्म। अब आगे का काम अगल विभाग का। जनता का इससे क्या मतलब!! वो तो बार बार सोचती है कि आयड़ में पौधे लगा कर बहाने का बजट आखिर कहां से आ जाता है?? इतने में तो मदार साफ हो जाती। आम आदमी सोचता है कि ये बेरूखी आखिर क्यों?? ऐसा तंत्र क्यों नहीं बनता कि कहने की जरूरत ही नहीं पड़े। नहर अमृत लाती है फतहसागर में और खुशियों की सौगात देती है शहरवासियों को। शहर के जीवंत होने का वार्षिक उत्सव भी प्रस्तुत करती है। मगर नेताओं को क्या पड़ी, अफसरों को तो क्या ही पड़ी कि मिलकर कोई साझा सफाई समाधान खोज लें। बहरहाल, आज प्रशासन का टाइम मिल ही गया, जनता की डिमांड पर कलेक्टर साहब और निगम—यूडीए कमीश्नर साहब दौरा कर आए और आदेश दे दिए हैं। देखना है क्या असर होता है। जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने शुक्रवार को नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के साथ मदार नहर और रूप सागर तालाब क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम, उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) और सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।निरीक्षण के दौरान मदार नहर में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया गया। नगर निगम क्षेत्र में सफाई कार्य को लेकर कलक्टर ने संतोष जताया, लेकिन निगम सीमा से बाहर नहर में जमा कचरे और अवरोधों को देखकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मानसून से पहले नहर की सफाई पूरी करने के निर्देश दिए।कलक्टर ने कहा कि मदार नहर शहर की महत्वपूर्ण जल संरचना है। बारिश के दौरान जल प्रवाह बाधित नहीं हो और फतहसागर सहित अन्य जलाशयों तक पानी का सुचारू पहुंचना सुनिश्चित हो, इसके लिए समय पर सफाई जरूरी है। उन्होंने अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती कर जल्द कार्य पूरा करने को कहा।इसके बाद टीम ने रूप सागर तालाब क्षेत्र का निरीक्षण किया। कलक्टर ने तालाब की मूल सीमा को सुरक्षित रखने और भविष्य में अतिक्रमण की संभावनाओं को रोकने के लिए सीमांकन प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान निगम अधीक्षण अभियंता मनीष अरोड़ा, यूडीए अधीक्षण अभियंता संजीव शर्मा, लखनलाल बैरवा, अधिशाषी अभियंता अखिल गोयल, स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सिकल सेल मुक्त भारत का संकल्प दोहराया, उदयपुर में 32 हजार नवजातों की स्क्रीनिंग में 621 मरीज मिले