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डरा हुआ शिक्षक, डरा हुआ समाज बनाता है – राजेश सिंघवी

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24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) द्वारा शुरू किया गया ’शिक्षक जागृति वाहन जत्था’ आज डूंगरपुर से अपनी यात्रा जारी रखते हुए खेरवाड़ा, फलासिया, खेराड़, कोटड़ा सडा होता हुआ उदयपुर पहुंचा ! इस जत्थे का उद्देश्य शिक्षकों की विभिन्न मांगों को उजागर करना है। इस अवसर पर शिराली भवन में आयोजित सभा की अध्यक्षता कमला चौधरी ने की। वाहन जत्था यात्रा के प्रभारी और प्रांतीय उपाध्यक्ष हेमंत कुमार खराड़ी ने बताया कि यह यात्रा शिक्षकों की ग्यारह सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू की गई है। इन मांगों में – ’ शिक्षकों के नीतिगत स्थानांतरण करना। ’ सभी प्रकार की बकाया डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समितियां) पूरी करना। ’ शिक्षकों को सभी प्रकार के गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करना। ’ नई शिक्षा नीति को रद्द करना। ’ संविदाकर्मियों को नियमित करना आदि है!
डूंगरपुर जिला मंत्री धनराज खराड़ी ने सभी शिक्षकों से आह्वान किया कि यह वाहन जत्था 27 मई को नावां, नागौर से पैदल कूच कर राजधानी जयपुर का घेराव करेगा। शिक्षक नेताओं ने अधिक से अधिक शिक्षकों से 27 मई तक नावां पहुंचने का आग्रह किया है।

जनवादी संगठनों का समर्थन
उदयपुर जिले में ’शिक्षक जागृति वाहन जत्था’ का जनवादी संगठनों के नेताओं ने स्वागत किया। आदिवासी एका मंच राज्य कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष दुलीचंद मीणा, सचिव विमल भगोरा, शिक्षिका कमला चौधरी, साबिरा अतर वाला, रानी माली,सरोज कटारा, विनोद मीणा, भूपेश कटारा, शांतिलाल डोडा, सृष्टि खराड़ी, अंकित डामोर, फाल्गुन भराड़ा, राजेश सिंघवी और प्रेम पारगी सहित कई नेताओं ने सभा को संबोधित किया और शिक्षकों की मांगों का समर्थन किया। सीटू जिलाध्यक्ष राजेश सिंघवी ने कहा कि शिक्षक समाज को बेहतर बनाने वाला होता है, उन्हे सही को सही और गलत को गलत कहना होगा! डरा हुआ शिक्षक, डरा हुआ समाज बनाता है। यह यात्रा शिक्षकों के अधिकारों और सम्मान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें बेहतर कार्य वातावरण और उचित नीतिगत बदलाव सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

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