24 News Udpate उदयपुर/जयपुर। प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और शिक्षकों से जुड़ी लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल जयपुर स्थित शिक्षा संकुल पहुंचा। यहां आयोजित बैठक में शिक्षकों के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और संगठन ने कई महत्वपूर्ण मांगें सरकार के समक्ष रखीं।
बैठक की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने की। इस दौरान शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार कुणाल और माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट भी उपस्थित रहे। शिक्षक संघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान और महामंत्री गोपाल मीणा ने संगठन का पक्ष रखते हुए शिक्षकों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में राज्य में नए शैक्षणिक सत्र को 1 अप्रैल से शुरू करने के प्रस्ताव पर भी विचार हुआ। इस पर संगठन ने कुछ व्यावहारिक सुझावों के साथ अपनी सहमति जताई। प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षक सरकारी विद्यालयों को निजी स्कूलों से बेहतर बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नामांकन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि कई सरकारी विद्यालयों में मानव संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी, बड़ी संख्या में रिक्त पद, तृतीय श्रेणी शिक्षकों की लंबित डीपीसी, और शिक्षकों पर बढ़ते गैर-शैक्षणिक कार्यों का दबाव शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित कर रहा है। इन समस्याओं के समाधान के बिना आदर्श विद्यालय की परिकल्पना को साकार करना मुश्किल है।
प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शीघ्र स्टाफिंग पैटर्न लागू करने की मांग उठाई। इसके साथ ही पंचायत शिक्षक, विद्यालय सहायक, संविदा शिक्षक, शिक्षाकर्मी और पैराटीचर को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग भी रखी गई।
संगठन ने विद्यालयों को समय पर कम्पोजिट ग्रांट, ईको क्लब की राशि, खेल सामग्री उपलब्ध कराने और कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पोशाक सत्र की शुरुआत में ही उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इसके अलावा संघ ने दो से अधिक संतान वाले कर्मचारियों को भी पदोन्नति और एसीपी का लाभ देने, शारीरिक शिक्षकों के शीघ्र स्थायीकरण, वर्ष 2022-23 में क्रमोन्नत विद्यालयों में नए पद सृजित कर उन्हें भरने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण और पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी रखी।
बैठक में वर्ष 2007-08 में सीधी भर्ती से नियुक्त तृतीय श्रेणी शिक्षकों और प्रबोधकों की वेतन विसंगतियों को दूर करने तथा शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत देने की मांग का ज्ञापन भी शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और माध्यमिक शिक्षा निदेशक को सौंपा गया।
शिक्षा संकुल में शिक्षकों की समस्याओं पर मंथन, शिक्षक संघ ने मंत्री के सामने रखी मांगों की सूची
उदयपुर/जयपुर, 6 मार्च। प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और शिक्षकों से जुड़ी लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल जयपुर स्थित शिक्षा संकुल पहुंचा। यहां आयोजित बैठक में शिक्षकों के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और संगठन ने कई महत्वपूर्ण मांगें सरकार के समक्ष रखीं।
बैठक की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने की। इस दौरान शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार कुणाल और माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट भी उपस्थित रहे। शिक्षक संघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान और महामंत्री गोपाल मीणा ने संगठन का पक्ष रखते हुए शिक्षकों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में राज्य में नए शैक्षणिक सत्र को 1 अप्रैल से शुरू करने के प्रस्ताव पर भी विचार हुआ। इस पर संगठन ने कुछ व्यावहारिक सुझावों के साथ अपनी सहमति जताई। प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षक सरकारी विद्यालयों को निजी स्कूलों से बेहतर बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नामांकन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि कई सरकारी विद्यालयों में मानव संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी, बड़ी संख्या में रिक्त पद, तृतीय श्रेणी शिक्षकों की लंबित डीपीसी, और शिक्षकों पर बढ़ते गैर-शैक्षणिक कार्यों का दबाव शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित कर रहा है। इन समस्याओं के समाधान के बिना आदर्श विद्यालय की परिकल्पना को साकार करना मुश्किल है।
प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शीघ्र स्टाफिंग पैटर्न लागू करने की मांग उठाई। इसके साथ ही पंचायत शिक्षक, विद्यालय सहायक, संविदा शिक्षक, शिक्षाकर्मी और पैराटीचर को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग भी रखी गई।
संगठन ने विद्यालयों को समय पर कम्पोजिट ग्रांट, ईको क्लब की राशि, खेल सामग्री उपलब्ध कराने और कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पोशाक सत्र की शुरुआत में ही उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इसके अलावा संघ ने दो से अधिक संतान वाले कर्मचारियों को भी पदोन्नति और एसीपी का लाभ देने, शारीरिक शिक्षकों के शीघ्र स्थायीकरण, वर्ष 2022-23 में क्रमोन्नत विद्यालयों में नए पद सृजित कर उन्हें भरने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण और पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी रखी।
बैठक में वर्ष 2007-08 में सीधी भर्ती से नियुक्त तृतीय श्रेणी शिक्षकों और प्रबोधकों की वेतन विसंगतियों को दूर करने तथा शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत देने की मांग का ज्ञापन भी शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और माध्यमिक शिक्षा निदेशक को सौंपा गया।

