जयपुर। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक होटल गणगौर में प्रदेशाध्यक्ष शेरसिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने संगठन को मजबूत बनाने और शिक्षकों के मुद्दों पर व्यापक रणनीति तैयार की।
बैठक में इंद्राज जाखड़, रामप्रताप मीणा, गोपाल मीणा, नारायण सिंह, जवरी लाल प्रजापत, रणवीर यादव, राहुल सिंह गुर्जर, गोपी कुमावत, विजय शर्मा और भंवराराम जाखड़ सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
1 अप्रैल से महासदस्यता अभियान
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नए शैक्षणिक सत्र (1 अप्रैल) से प्रदेश के हर जिले और ब्लॉक स्तर पर महासदस्यता अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक शिक्षकों को संगठन से जोड़कर उसकी ताकत बढ़ाई जा सके।
शिक्षकों की प्रमुख मांगों पर चर्चा
बैठक में शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं पर गहन मंथन हुआ। प्रमुख मांगों में—
- स्कूल खोलने की तिथि 21 जून के बजाय 1 जुलाई करने की मांग
- तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण शुरू करना
- 6 वर्षों से लंबित पदोन्नति मामलों का निस्तारण
- अधिशेष व शारीरिक शिक्षकों का समायोजन
- पदोन्नत प्रधानाचार्य/उपप्रधानाचार्य की शीघ्र पोस्टिंग
- स्कूलों में स्टाफिंग पैटर्न लागू करना
- संविदा, पैराटीचर व पंचायत शिक्षकों को स्थायी करना
- विद्यार्थियों को निःशुल्क पोशाक व संसाधन उपलब्ध कराना
- वेतन विसंगतियों का समाधान और नियमितीकरण
इन सभी मांगों को लेकर राज्य सरकार को एक सशक्त ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया गया।
प्रदेशाध्यक्ष शेरसिंह चौहान ने कहा कि शिक्षकों के अधिकार और सम्मान के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संगठन की असली ताकत उसकी एकजुटता में है और हर शिक्षक की आवाज को मजबूत बनाना ही उद्देश्य है।
बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने संगठन को जमीनी स्तर तक सशक्त बनाने और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।

