24 News Update उदयपुर . उदयपुर के जिला न्यायालय परिसर में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक उत्पाती लाल मुंह का बंदर अचानक कोर्ट परिसर में घुस आया और उत्पात मचाने लगा। बंदर ने परिसर में मौजूद 4 से 5 अधिवक्ताओं और एक पुलिस कॉन्स्टेबल पर हमला कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए न्यायिक कामकाज पूरी तरह बाधित हो गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से कोर्ट परिसर में दहशत का माहौल बन गया। बंदर के उग्र व्यवहार के चलते अधिवक्ता और आमजन अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। इस दौरान टेबलों पर रखी फाइलें और जरूरी दस्तावेज बिखर गए, जबकि कई अधिवक्ताओं को कोर्ट कक्ष छोड़कर बाहर निकलना पड़ा।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब एक घंटे तक कोर्ट परिसर में स्थिति असामान्य बनी रही, जिससे सुनवाई और अन्य न्यायिक प्रक्रियाएं प्रभावित हुईं। वाइल्ड लाइफ टीम ने संभाली स्थितिघटना की सूचना मिलने पर वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सतर्कता और कड़ी मशक्कत के बाद बंदर को सुरक्षित तरीके से काबू में लिया। रेस्क्यू के बाद कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। वाइल्ड लाइफ रेस्क्यूअर धर्मेंद्र पाणिगर ने बताया कि यह लाल मुंह का बंदर पिछले डेढ़ महीने से शहर में लोगों के लिए खतरा बना हुआ था। प्रतापनगर और नाकोड़ा नगर क्षेत्रों में इस बंदर द्वारा 20 से 25 लोगों पर हमला किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा आरसीए कॉलेज परिसर में भी बंदर ने 4 से 5 छात्रों को काटा, जबकि कुम्हारों का भट्टा और शोभागपुरा 100 फीट रोड क्षेत्र से भी इसके हमलों की शिकायतें मिल चुकी थीं।बायोलॉजिकल पार्क में छोड़ा गयारेस्क्यूअर के अनुसार, जिला कलेक्टर और नगर निगम के निर्देश पर शुक्रवार को इस बंदर को रेस्क्यू किया गया। फिलहाल उसे बायोलॉजिकल पार्क में सुरक्षित छोड़ा गया है, ताकि शहरवासियों को इससे राहत मिल सके और किसी प्रकार की जनहानि की पुनरावृत्ति न हो। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation प्रमुख शासन सचिव को आना पड़ा, क्या अब खुल पाएगा बोटल नेक का ”ढक्कन” राजस्थान के 7 सात जिलों में अफीम खेती के लिए 49,140 लाइसेंस जारी