
24 News Update उदयपुर। खेती को ऊर्जा के मोर्चे पर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उदयपुर ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MPUAT) के अधीन संचालित कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों में ऊर्जा परियोजना केन्द्र को वर्ष 2025 के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा सर्वश्रेष्ठ केन्द्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उत्कृष्ट अनुसंधान, नवाचार और किसानों तक तकनीक पहुंचाने में प्रभावी भूमिका के लिए दिया गया।
यह उपलब्धि जनवरी 29 से 31, 2026 तक आनंद कृषि विश्वविद्यालय, गुजरात में आयोजित अखिल भारतीय समन्वित ऊर्जा परियोजना की वार्षिक सगोष्ठी में घोषित की गई, जहां देशभर के 16 परियोजना केन्द्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन हुआ। प्रतिस्पर्धा के इस राष्ट्रीय मंच पर MPUAT उदयपुर को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया। पुरस्कार ICAR के उप महानिदेशक (कृषि अभियांत्रिकी) डॉ. एस. एन. झा के कर-कमलों से प्रदान किया गया।
विश्वविद्यालय के नवीकरणीय ऊर्जा अभियांत्रिकी विभाग में संचालित इस परियोजना का फोकस कृषि क्षेत्र के लिए व्यावहारिक, टिकाऊ और स्वदेशी ऊर्जा समाधान विकसित करना रहा है। परियोजना के तहत सोडियम आयन बैटरी तकनीक पर किया जा रहा शोध विशेष रूप से सराहा गया, जिसमें उपयोग की गई सभी प्रमुख सामग्री भारत में निर्मित है—जो मेक इन इंडिया की सोच को ज़मीन पर उतारता है।
परियोजना प्रभारी डॉ. एन. एल. पंवार ने इस सफलता को टीमवर्क और निरंतर परिश्रम का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों, तकनीकी स्टाफ और विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग ने इस केन्द्र को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। परियोजना में डॉ. निकिता वधावन भी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।
कुलगुरु डॉ. प्रतापसिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय की सुदृढ़ अनुसंधान परंपरा, वैज्ञानिक अनुशासन और समाजोन्मुखी दृष्टि का प्रमाण है। उन्होंने रेखांकित किया कि केन्द्र के शोध और विस्तार कार्यों से किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है और कृषि नवाचार को नई दिशा मिली है।
निदेशक (अनुसंधान) डॉ. अरविंद वर्मा ने इसे वैज्ञानिकों और सहायक कर्मचारियों की प्रतिबद्धता व टीमवर्क का प्रतिफल बताते हुए कहा कि केन्द्र द्वारा विकसित समाधान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रहे, बल्कि किसानों की वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक उत्तर बने हैं। डॉ. जी. एल. मीना मीडिया प्रकोष्ठ एवं जनसंपर्क अधिकारी ने यह जानकारी दी।
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