24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। नगर के पोलका कोठा में चैत्र शुक्ल दशमी पर शुक्रवार शाम कंडों की राड़ खेली गई, जिसमें हुरे के जयकारों के साथ एक-दूसरे पर जमकर कंडे मारे गए। इस दौरान भारी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे, जिन्होंने कंडों की राड़ का आनंद लिया। होली के बाद नगर व आसपास क्षेत्र में पत्थर, जलते अंगारों पर चलने व कंडों की राड़ का दौर प्रारंभ होता है। इसी क्रम में चैत्र शुक्ल दशमी को नगर के पोलका कोठा में अंतिम कंडों की राड़ शुक्रवार शाम खेली गई, जिसमें करीब दस क्विंटल कंडों का उपयोग किया गया। दोनों तरफ 5-5 क्विंटल कंडे इकट्ठे किए गए। आयोजन में नगर क्षेत्र के युवाओं ने 4-4 की दो टोलियों में बंटकर आमने-सामने एक-दूसरे पर जमकर कंडे बरसाए। देखने वाले लोगों ने भी खूब आनंद उठाया।
कंडों की राड़ देखने के लिए प्रातः से ही आसपास ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के लोगों का आना शुरू हो गया। दोपहर में ढोल की ताल पर कंडों की राड़ प्रारंभ हुई, जिसमें दोनों ओर से एक-दूसरे को निशाना बनाकर कंडे मारे गए और लोगों ने तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया।
कंडे मारने का दौर करीब तीन घंटे तक चलता रहा। अंत में सभी ने मिलकर होली की अंतिम गैर खेली, जिसमें भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर नगर सहित माविता, भीमदड़ी, वरसिंगपुर, नयागांव, ओड, पादरा सहित कई गांवों के लोग उपस्थित थे।
हुरे के जयकारों के साथ खूब उड़े कंडे, जमकर लोगों ने लिया आनंद

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