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भीलूड़ा में पत्थर की राड़ में 31 जने घायल, दो गंभीर रूप से घायल

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24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। नगर के निकटवर्ती भीलूड़ा में होली को लेकर अनूठी परंपरा के कारण राजस्थान का आदिवासी बाहुल्य वागड़ का डूंगरपुर जिला प्रसिद्ध है। देश के कई राज्य, शहरों एवं गांवों में धूलंडी के दिन गुलाल एवं विभिन्न रंगों से होली खेली जाती है, लेकिन जिले के भीलूड़ा गांव में परंपरागत धूलंडी के दिन मंगलवार को पत्थरों की राड़ (खूनी होली) खेली गई। जिसमें 31 जने घायल हो गए, जिन्हें नव निर्माणाधीन सामुदायिक भवन में उपचार किया गया। गंभीर रूप से घायल दो जनों को नगर के राजकीय चिकित्सालय में रेफर किया गया।
प्राचीन रघुनाथ मंदिर के पास खाली मैदान में ढोल-कुंडी की थाप पर होरिया-होरिया के गगनभेदी चित्कार करते हुए दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर जमकर पत्थर बरसाए। शाम 4 बजे तक कई लोगों ने हाथों में पत्थर लेकर एक-दूसरे पर फेंके, तो कई लोगों ने सूत की गोफन से पत्थर मारे। उम्रदराज लोग सिर पर पगड़ी, पैरों में घुंघरू एवं बचाव के लिए चमड़े की ढाल लेकर मौजूद थे, जबकि युवा खुले सिर खेलने में मदमस्त दिखे। देखते ही देखते पत्थर मार होली में खेलने एवं देखने वालों में कई लोगों के हाथ, पैर, सिर और शरीर के कई हिस्से चोटग्रस्त एवं लहूलुहान हो गए। घायल लोगों को मौजूद अन्य लोगों ने उपचार के लिए स्थानीय नव निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। एक-एक करके घायलों की संख्या 31 तक पहुंच गई। इसमें से गंभीर घायल कपिल पाटीदार गणेशपुरी एवं रूपा खराड़ी भीलूड़ा को एंबुलेंस की सहायता से सागवाड़ा के लिए रेफर किया गया। प्रसिद्ध पत्थरों की राड़ को देखने के लिए मेवाड़ एवं गुजरात सहित डूंगरपुर-बांसवाड़ा जिलों के कई गांवों से हजारों की संख्या में लोग अपनी-अपनी जगह सुरक्षित खड़े होकर राड़ देखने का लुत्फ उठा रहे थे। बड़े बुजुर्गों के अनुसार करीब 400 वर्ष से यह परंपरा जारी है। ऐसी पारंपरिक मान्यता है कि राड़ के दौरान चोट लगने से खून जब जमीन पर पड़ता है तो साल भर गांव में कोई अनहोनी नहीं होती और हमेशा खुशहाली एवं सामाजिक सौहार्द बना रहता है।
यह रहे मौजूद — प्रशासक प्रवीण डामोर, भाजपा पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दिनेश भट्ट, भाजपा जिला महामंत्री पूर्व सरपंच जवाहर भाटिया, प्रतापगढ़ अतिरिक्त जिला कलेक्टर विजयेश पंड्या, रघुनंदन सेवा संस्थान के डॉक्टर एस.एस. पटेल, कांग्रेस ब्लॉक उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट, समाजसेवी प्रदीप भट्ट, सुनील पंड्या, रमेश सोमपुरा लहरी, विनोद पंड्या, अमृतलाल पंचाल, दिनेश पंचाल, मानस मंडल के कमलाशंकर जोशी, माहीपुल चौकी प्रभारी मयदीप सिंह, बीट कांस्टेबल राजेश लबाना मय जाप्ता मौजूद रहा।
खेलने एवं देखने वालों में यह हुए घायल — भावेश कालोत फलातेड, लालशंकर कटारा भीलूड़ा, बाबूलाल डोडियार फलातेड, फूलशंकर फलातेड, निलेश कटारा डोली, हेमिल जोशी भीलूड़ा, दिनेश कटारा फलातेड, वीरमल मोर डोली, कपिल पाटीदार गणेशपुरी, प्रवीण माल भीलूड़ा, जगदीश मोर डोली, किशन कटारा भीलूड़ा, सतीश बामनिया भीलूड़ा, रूपा खराड़ी भीलूड़ा, बापू माल गणेशपुरी, जगदीश डामोर भीलूड़ा, प्रकाश कालोत खड़गदा, वरसेग ताबियाड़ जेठाना, फूलशंकर फलातेड, गोविंद फलातेड, कालूराम सेलोता, निलेश खराड़ी मालवाड़ा, प्रकाश फलातेड, मुकेश बामनिया भीलूड़ा, विपिन डामोर भाटिया फला, जयेश फलातेड, भरत फलातेड, भीखालाल भीलूड़ा, रेवाशंकर खराड़ी मालवाड़ा, अनिल बामनिया फलातेड, महेश पाटीदार भीलूड़ा आदि।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इन चिकित्सक एवं नर्सिंग कर्मियों ने सेवाएं दी — चिकित्सा प्रभारी डॉ. डिंपल बुनकर, डॉ. प्रशांत लबाना, कमलेश व्यास (सीनियर नर्सिंग ऑफिसर), लता पंड्या, चेतना जोशी, उमा पाटीदार, विशाल पुरोहित, विशाल यादव, हिना मेहता, उषा भट्ट, लैब टेक्नीशियन भाविन, धार्मिक यादव, शंकरलाल यादव (वार्ड बॉय) ने सेवाएं दी।
राड़ समाप्ति पर गांव में आमजन की सुरक्षा हेतु सागवाड़ा थाना अधिकारी मनीष खोईवाल ने मय जाप्ता मॉनिटरिंग की। प्रतिवर्ष गणेश चौक बस स्टैंड पर भीड़भाड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस जाप्ता लगा रखा था।

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