24 News Update निंबाहेड़ा (कविता पारख)। श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय में बीएससी नर्सिंग (आयुर्वेद) एवं डीएएनएण्डपी पाठ्यक्रमों में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए वेदारंभ समारोह का भव्य आयोजन 08 जनवरी श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय परिसर के सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ठाकुर श्री के पूजन एवं सरस्वती माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ अतिथियों द्वारा किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि विधायक श्रीचंद कृपलानी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भगवती शंकर व्यास एवं पूर्व विधायक अशोक नवलखा, जिला प्रमुख गब्बरसिंह उपस्थित रहें। अतिथियों का सम्मान कुलगुरू प्रो. महेश दीक्षित एवं चेयरपर्सन कैलाशचंद्र मूंदड़ा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कुलसचिव ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। कुलसचिव ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परंपरा एवं वैदिक मूल्यों पर प्रकाश डाला।मुख्य अतिथि विधायक श्रीचंद कृपलानी ने अपने उद्बोधन में आयुर्वेद एवं नर्सिंग शिक्षा को समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। कृपलानी ने आयुर्वेद एवं नर्सिंग शिक्षा को जनसेवा का सशक्त माध्यम बताते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि आज श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के इस पावन प्रांगण में आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत हर्ष एवं गौरव की अनुभूति हो रही हैं। वेदारंभ संस्कार केवल एक शैक्षणिक शुरुआत नहीं, बल्कि जीवन को संस्कार, अनुशासन और सेवा भाव से जोड़ने का पवित्र संकल्प हैं। आयुर्वेद एवं नर्सिंग जैसे विषय केवल शिक्षा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का माध्यम हैं। आज का विद्यार्थी ही कल का चिकित्सक, सेवक और समाज का मार्गदर्शक बनेगा। ऐसे में आवश्यक हैं कि आपकी शिक्षा के साथ-साथ आपका चरित्र, व्यवहार और नैतिक मूल्य भी सुदृढ़ हों। श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय द्वारा वैदिक परंपरा के साथ आधुनिक शिक्षा का जो समन्वय किया जा रहा हैं, वह अत्यंत सराहनीय हैं। यहाँ विद्यार्थियों को केवल डिग्री नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाई जा रही हैं। यह संस्थान संस्कारयुक्त शिक्षा का उत्कृष्ट केंद्र बनता जा रहा हैं। अंत में मैं विश्वविद्यालय परिवार को इस सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ तथा सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करता हूँ।कुलगुरू प्रो. महेश दीक्षित ने अपने आशीर्वचन में वैदिक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को संस्कार, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कुलगुरू प्रो. महेश दीक्षित ने कहा कि वैदिक शिक्षा जीवन को संस्कारित कर समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।समारोह के अंत में चेयरपर्सन मूंदड़ा ने आशीर्वचन प्रदान किए और कहा कि वे सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों से आग्रह करते हैं कि आप गुरुजनों के मार्गदर्शन में निरंतर परिश्रम करें, अनुशासन को अपना आभूषण बनाएं और समाज व राष्ट्र सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य रखें। आपके माता-पिता ने आप पर जो विश्वास किया हैं, उस पर खरा उतरना ही आपकी सबसे बड़ी सफलता होगी। वेदपीठ द्वारा आयोजित पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं गणमान्य अतिथियों ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया।कार्यक्रम की रूपरेखा डॉ. रोहित शर्मा ने बताई व संचालन नटवर भाम्बी ने किया। समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे डॉ. राहुल प्रसाद सती एवं डॉ. सौरभ जोशी द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, गणमान्यजन, नवप्रवेशित विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वेदारंभ समारोह ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन की शुभ एवं संस्कारपूर्ण शुरुआत का संदेश दिया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मण्डला चारण में जिला कलक्टर की रात्रि चौपाल चौपाल में 25 परिवाद प्राप्त, कई प्रकरणों का मौके पर निस्तारण निम्बाहेड़ा पीएम श्री स्कूल ट्विनिंग कार्यक्रम के तहत शैक्षिक नवाचार की नई पहल, विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव