उदयपुर। ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े रैकेट का साइबर पुलिस थाना उदयपुर ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने प्रतापनगर थाना क्षेत्र के ढिकली स्थित पार्श्वनाथ अपार्टमेंट में दबिश देकर ऑनलाइन गेमिंग पैनल और सट्टेबाजी का संचालन कर रहे 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी और किराए के बैंक खातों, क्यूआर कोड और अलग-अलग ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट्स के जरिए लोगों से रकम जमा करवाते थे। इसके बाद उन्हें गेम खेलने के लिए आईडी और कॉइन्स उपलब्ध कराए जाते थे। जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क में करोड़ों रुपए के लेनदेन का हिसाब रखा जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 3 लैपटॉप, 12 स्मार्टफोन, 12 एटीएम कार्ड, 8 बैंक पासबुक/डायरियां और करोड़ों रुपए के कथित अवैध लेनदेन का हिसाब दर्ज 2 रजिस्टर बरामद किए हैं। गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के बाद दबिश पुलिस के अनुसार साइबर पुलिस को अवैध ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़े नेटवर्क की सूचना मिली थी। इसके बाद तकनीकी सहयोग और सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ढिकली स्थित पार्श्वनाथ अपार्टमेंट में दबिश दी। पुलिस टीम के पहुंचने पर वहां पांच युवक लैपटॉप और मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन गेमिंग पैनल संचालित करते हुए मिले। पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए। नोट: पुलिस की नई सूचना के कार्रवाई विवरण वाले हिस्से में एक जगह 6 आरोपियों की गिरफ्तारी का उल्लेख है, जबकि शीर्षक और गिरफ्तार आरोपियों की सूची में 5 आरोपी बताए गए हैं। उपलब्ध नामों के आधार पर खबर में 5 गिरफ्तार आरोपियों का उल्लेख किया जा रहा है। JOGANIYA, JOG BET, BMW और DOLLER EXCHANGE के नाम सामने आए प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को आरोपियों द्वारा JOGANIYA (JOG BET), BMW और DOLLER EXCHANGE जैसी अवैध ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट्स के पैनल संचालित किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस अब इन वेबसाइट्स से आरोपियों के संबंध, उनके नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों, बैंक खातों और ऑनलाइन लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है। ऐसे चलता था ठगी का खेल पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक आरोपी लोगों को ऑनलाइन गेम और सट्टेबाजी के जरिए पैसा कमाने का लालच देते थे। इसके लिए ग्राहकों से फर्जी अथवा किराए के बैंक खातों से जुड़े क्यूआर कोड पर पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। रकम जमा होने के बाद ग्राहक को गेम खेलने के लिए आईडी और कॉइन्स उपलब्ध कराए जाते थे। पुलिस के अनुसार गेमिंग के इस पूरे सिस्टम में ग्राहकों को अंततः नुकसान उठाना पड़ता था और जमा की गई रकम आरोपियों द्वारा कथित रूप से अपने पास रख ली जाती थी। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन खातों में कितनी रकम जमा हुई, कितने लोगों से लेनदेन हुआ और इस नेटवर्क में कितने बैंक खाते तथा क्यूआर कोड इस्तेमाल किए गए। करोड़ों के लेनदेन का हिसाब मिलने से बढ़ी जांच की गंभीरता पुलिस को बरामद किए गए दो रजिस्टरों में करोड़ों रुपए के कथित लेनदेन का हिसाब मिला है। इसके अलावा 8 बैंक डायरियां और 12 एटीएम कार्ड भी जब्त किए गए हैं। इन दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच अब पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। मोबाइल फोन और लैपटॉप से ऑनलाइन गेमिंग पैनल, व्हाट्सऐप ग्रुप, बैंक खातों और ग्राहकों से संबंधित डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक जब्त किए गए स्मार्टफोन में अवैध सट्टे से जुड़े ऐप और व्हाट्सऐप ग्रुप सक्रिय मिले हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी पुलिस ने कार्रवाई में निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया है— चन्द्रशेखर (24) पुत्र माधुलाल, निवासी गोवर्धनपुरा, फतहनगर, उदयपुर। महेन्द्र (25) पुत्र सूरजराम, निवासी करैरी, अमरसर, जिला जयपुर। कार्तिक (26) पुत्र श्यामलाल, निवासी आर्य नगर, थाना सिटी-2, जिला फाजिल्का, पंजाब। गुरलीन सिंह (21) पुत्र सुखविंदर सिंह, निवासी ठाकरवादी, स्ट्रीट नंबर 4, अबोहर, जिला फाजिल्का, पंजाब। अभिषेक (27) पुत्र सुशिल कुमार, निवासी आर्य नगर, कृष्ण ढाबा रोड, थाना जवाहर नगर, जिला श्रीगंगानगर। ये सामान हुआ बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग संचालन में इस्तेमाल होने वाला सामान जब्त किया है— 3 लैपटॉप, चार्जर सहित 12 स्मार्टफोन, चार्जर सहित 12 एटीएम कार्ड 8 बैंक पासबुक/डायरियां 2 हिसाब-किताब के रजिस्टर डिजिटल उपकरणों में कथित सट्टेबाजी ऐप और व्हाट्सऐप ग्रुप रजिस्टरों में करोड़ों रुपए के कथित लेनदेन का हिसाब मिलने से पुलिस ने आर्थिक लेनदेन की जांच को भी आगे बढ़ाया है। कई राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं तार गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान के अलावा पंजाब के आरोपी भी शामिल हैं। इससे पुलिस इस नेटवर्क के अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि ऑनलाइन गेमिंग पैनल कहां से संचालित किए जा रहे थे, वेबसाइट्स तक आरोपियों की पहुंच कैसे थी, बैंक खाते किसके नाम पर थे, क्यूआर कोड किसके द्वारा उपलब्ध करवाए गए और ग्राहकों से प्राप्त रकम आखिर किन खातों तक पहुंच रही थी। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319, 2(2), 338, 336(3), 340(2), 61(2), ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन अधिनियम 2025 की धारा 9(1), 9(3) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है। डिजिटल उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की वास्तविक राशि के संबंध में तस्वीर और स्पष्ट होगी। साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई में जुटी पुलिस टीम यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव और जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक त्वरित अनुसंधान प्रकोष्ठ अंजना सुखवाल के सुपरविजन तथा पुलिस उप अधीक्षक एवं साइबर पुलिस थाना प्रभारी विनय चौधरी के नेतृत्व में की गई। टीम में पुलिस निरीक्षक बुधाराम, हेड कांस्टेबल प्रदीप सिंह, हेड कांस्टेबल रूद्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल अनिल पूनिया, कांस्टेबल आलोक कुमार और कांस्टेबल रामानन्द शामिल रहे। अब नेटवर्क की अगली कड़ी तलाश रही पुलिस पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। बरामद मोबाइल, लैपटॉप, बैंक दस्तावेज और रजिस्टरों से पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग हैं और करोड़ों रुपए का लेनदेन किन-किन खातों से हुआ। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your 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