जयपुर। जल जीवन मिशन (JJM) से जुड़े करीब 900 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में गिरफ्तार 9 वरिष्ठ अधिकारियों को आज भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने विशिष्ट न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) में पेश किया। अदालत ने एसीबी की मांग पर विचार करते हुए सभी आरोपियों को 3 दिन के रिमांड पर भेज दिया। एसीबी ने 5 दिन का रिमांड मांगा था। गौरतलब है कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के चीफ इंजीनियर दिनेश गोयल को उदयपुर के फाइव स्टार ताज अरावली होटल से मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया गया था।
आज जयपुर में पेशी के दौरान एसीबी की टीम सभी आरोपियों को एक ही वाहन में कोर्ट लाई। अधिकारियों के हाथों में लाल कपड़े में बंधी फाइलें थीं—जिनमें घोटाले से जुड़े दस्तावेज होने की बात कही जा रही है। रिमांड अवधि में एसीबी अन्य तथ्यों, फर्जी बिलों, वित्तीय लेन-देन और संभावित संलिप्त व्यक्तियों से पूछताछ करेगी।
इन अफसरों को किया गया पेश
केडी गुप्ता, चीफ इंजीनियर, जयपुर शहर, दिनेश गोयल, तत्कालीन मुख्य अभियंता (पीएचईडी परियोजना), जयपुर, डीके गौड, रिटायर्ड तकनीकी चीफ इंजीनियर, जयपुर,
निरिल कुमार, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (सिविल), पीएचईडी, जयपुर; हाल—चीफ इंजीनियर, चूरू, सुशील शर्मा, तत्कालीन वित्तीय सलाहकार, जल जीवन मिशन, पीएचईडी, जयपुर, शुभांशु दीक्षित, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जयपुर (तत्कालीन सचिव, आरडब्ल्यूएसएसएम), अरुण श्रीवास्तव, रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य अभियंता, पीएचईडी क्षेत्र प्रथम, जयपुर महेन्द्र प्रकाश सोनी (एमपी सोनी), रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता, पीएचईडी पीआईयू-द्वितीय, डीडवाना, विशाल सक्सेना, तत्कालीन अधिशाषी अभियंता, पीएचईडी, शाहपुरा (जयपुर), हाल निलंबित,
15 ठिकानों पर एक साथ छापे
एसीबी ने 17 फरवरी को जयपुर, उदयपुर, जालोर, बाड़मेर, सीकर सहित प्रदेश में कई स्थानों पर तथा बिहार, झारखंड और दिल्ली में कुल 15 जगहों पर कार्रवाई की थी। इसके बाद 9 अफसरों की गिरफ्तारी हुई।

