24 News Udpate डूंगरपुर। ऑनलाइन ठगी के एक मामले में एफआईआर दर्ज न करने के बदले रिश्वत वसूलने का आरोप दोवड़ा थाना पुलिस पर भारी पड़ गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दोवड़ा थाने के हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार पाटीदार और कॉन्स्टेबल प्रकाश पाटीदार को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार कर विशेष अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया।
एसीबी की जांच फिलहाल डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत राशि की बरामदगी पर केंद्रित है। हालांकि गिरफ्तारी के बावजूद दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि रिश्वत की रकम कहां छुपाई गई या किसे सौंपी गई। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
रिश्वत लेकर कार से फरार हुए थे आरोपी
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, डूंगरपुर के उप अधीक्षक रतनसिंह राजपुरोहित ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों को लोकेंटो ऐप के जरिए की गई ऑनलाइन ठगी के एक प्रकरण में एफआईआर दर्ज नहीं करने के एवज में 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। हालांकि गिरफ्तारी के समय दोनों आरोपी कार में सवार होकर मौके से निकल गए थे, जिससे रिश्वत की राशि एसीबी के हाथ नहीं लग सकी।
अब बरामदगी और नेटवर्क पर फोकस
एसीबी ने दोनों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को विशेष एसीबी न्यायालय, उदयपुर में पेश किया। न्यायालय ने हेड कॉन्स्टेबल अशोक पाटीदार और कॉन्स्टेबल प्रकाश पाटीदार को एक दिन के रिमांड पर सौंपते हुए एसीबी को रिश्वत राशि की बरामदगी और पूरे लेन-देन की जांच की अनुमति दी है। एसीबी अब यह भी खंगाल रही है कि रिश्वत की रकम किसी तीसरे व्यक्ति तक पहुंचाई गई या किसी ठिकाने पर छुपाई गई, साथ ही यह मामला किसी बड़े नेटवर्क से तो नहीं जुड़ा है। दोनों आरोपियों को शनिवार को पुनः एसीबी कोर्ट में पेश किया जाएगा।
डेढ़ लाख की रिश्वत का पैसा कर दिया गायब, कोर्ट ने एक दिन के रिमांड पर भेजा

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