24 News Update उदयपुर। शहर के सुखेर थाना क्षेत्र में सेलिब्रेशन मॉल के पास दिनदहाड़े 75 वर्षीय महिला से चेन लूट की सनसनीखेज वारदात का उदयपुर पुलिस ने खुलासा करते हुए दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की तकनीकी जांच, मानव आसूचना और लगातार दबिशों के बाद दोनों नकाबपोश बदमाशों को ऋषभदेव क्षेत्र के दुर्गम इलाकों से दबोचा गया। गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश में दोनों को चोटें भी आईं।
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में इस वारदात को चुनौती के रूप में लेते हुए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) उमेश ओझा तथा वृत नगर पश्चिम के पुलिस उप अधीक्षक राजेश यादव के सुपरविजन में अंजाम दी गई। टीम का नेतृत्व सुखेर थानाधिकारी भरत योगी एवं जिला स्पेशल टीम प्रभारी विक्रमसिंह (स.उ.नि.) ने किया।
ऐसे हुई थी वारदात
18 मार्च 2026 को प्रार्थिया रूप कंवर जैन (75) पत्नी स्व. महावीर प्रसाद जैन, निवासी हितावाला टावर, भुवाणा स्थित शांतिनाथ मंदिर में दर्शन कर सुबह करीब 8:20 बजे घर लौट रही थीं। इसी दौरान सेलिब्रेशन मॉल के पास बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया और गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गए।
मामले में सुखेर थाने पर प्रकरण संख्या 148/2026 धारा 304 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
500 CCTV खंगाले, हाईवे से जुड़ी कड़ियां
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शहर और आसपास के क्षेत्रों के करीब 500 CCTV कैमरों की फुटेज का चरणबद्ध विश्लेषण किया। जांच में आरोपियों की आवाजाही खेरवाड़ा हाईवे की ओर पाई गई। इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर तकनीकी आसूचना और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर सलूम्बर, डूंगरपुर और अहमदाबाद तक दबिशें दीं। आखिरकार सूचना मिली कि आरोपी ऋषभदेव थाना क्षेत्र में छिपे हुए हैं। इस पर पुलिस टीमों ने पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
10-10 हजार का था इनाम
दोनों आरोपी शातिर एवं नकाबपोश होने के कारण पुलिस के लिए चुनौती बने हुए थे। उनकी गिरफ्तारी पर एसपी द्वारा 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
गिरफ्तार आरोपी
प्रभुलाल उर्फ प्रकाश पुत्र जीवा, निवासी कोजावाड़ा थाना ऋषभदेव, हाल बनजारिया खेरवाड़ा
तरुण उर्फ सिकंदर पुत्र जीवतराम उर्फ लखमा, निवासी कलावत बिलख थाना ऋषभदेव
आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया। जांच में सामने आया कि आरोपी प्रभुलाल पर पूर्व में ऋषभदेव, बिछीवाड़ा और डूंगरपुर में डकैती, लूट और अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं। वहीं तरुण पर डूंगरपुर और सलूम्बर में लूट के मामले दर्ज हैं और वह सेमारी थाने का भगोड़ा भी घोषित था। प्रभुलाल ने पूछताछ में गुजरात के अहमदाबाद में लूट के मामले में जेल जाना भी स्वीकार किया है।
पुलिस टीम की भूमिका
इस कार्रवाई में सुखेर थाना टीम के जसवंतसिंह, श्रवण कुमार, विनोद कुमार, भारतसिंह, अचलाराम, राजकुमार, तरुण, ओमप्रकाश सहित अन्य कार्मिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं जिला स्पेशल टीम के विक्रमसिंह, भंवरलाल, हितेन्द्रसिंह, अखिलेश, मुकेश, शक्तिसिंह, विरेन्द्रसिंह, कृष्ण कुमार तथा लोकेश रायकवाल (साइबर सेल) की सक्रिय भागीदारी रही।

