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लोन ट्रांसफर के नाम पर 4.59 लाख की ठगी

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24 News Update उदयपुर। शहर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में लोन ट्रांसफर करवाने के नाम पर एक मजदूर से करीब 4.59 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित द्वारा पहले पुलिस अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर अंततः न्यायालय की शरण लेनी पड़ी, जिसके बाद प्रकरण दर्ज हुआ।

क्या है पूरा मामला?
कलडवास निवासी कैलाश वेद ने रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक से अपने मकान पर 12 लाख रुपये का होम लोन लिया था और करीब 18 किश्तें भी जमा कर दी थीं। कोरोना काल और लॉकडाउन के चलते आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर वे आगे की किश्तें जमा नहीं कर पाए। आरोप है कि इसी दौरान बैंक ने उनके मकान को सीज कर बाहर एक सिक्योरिटी गार्ड बैठा दिया।
इसी बीच आरोपी देवेन्द्र सिंह झाला, जो खुद को बैंक से जुड़ा बताता था, ने पीड़ित से संपर्क कर लोन को चित्तौड़गढ़ शाखा में ट्रांसफर कराने का झांसा दिया। उसने अपने एक परिचित जितेन्द्र सिंह (जो खुद को बैंक कर्मचारी/मैनेजर बताता था) के साथ मिलकर पांच दिन में मकान का ताला खुलवाने का भरोसा दिलाया।

फर्जी ईमेल और कॉल से जमाया विश्वास
प्रार्थी के अनुसार, आरोपियों ने बैंक के नाम से फर्जी ईमेल भेजे और कॉल कर लोन स्वीकृत होने का भरोसा दिलाया। शुरुआत में 12,500 रुपये फाइल चार्ज के नाम पर लिए गए, इसके बाद लगातार अलग-अलग बहानों से रकम मांगी जाती रही। पीड़ित ने अपनी मजबूरी में पत्नी का मंगलसूत्र तक बेचकर रुपये जुटाए।

कुल 4.59 लाख रुपये हड़पे
रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने प्रोसेसिंग फीस व अन्य खर्चों के नाम पर अलग-अलग किश्तों में कुल 4,59,850 रुपये ले लिए, लेकिन न तो लोन ट्रांसफर हुआ और न ही कोई वैध दस्तावेज दिए गए। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने इनकार कर दिया और धमकी भी दी।

पहले भी दी गई थी शिकायत
पीड़ित ने बताया कि उसने 23 अक्टूबर 2024 को जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी, इसके बाद 19 नवंबर 2025 को प्रतापनगर थाने में भी परिवाद प्रस्तुत किया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अंततः न्यायालय में इस्तगासा दायर करने के बाद 17 अप्रैल 2026 को शाम 6:06 बजे मामला दर्ज किया गया।

इन धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने देवेन्द्र सिंह झाला व जितेन्द्र सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 316(2), 308(2) और 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले की जांच एएसआई देवीलाल को सौंपी गई है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश के साथ-साथ ठगी गई राशि की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।

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