24 News Update जयपुर। पहचान की चोरी कर बड़े स्तर पर वित्तीय धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। SMS हॉस्पिटल से जुड़े एक 56 वर्षीय डॉक्टर के नाम और पैन नंबर का इस्तेमाल कर अज्ञात व्यक्ति ने करोड़ों रुपए के लोन उठा लिए। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब डॉक्टर ने अपने नाम की CIBIL रिपोर्ट निकलवाई।
जानकारी के अनुसार, बजाज नगर स्थित इंडियन बैंक शाखा के माध्यम से पैन नंबर पर क्रेडिट रिपोर्ट तैयार की गई थी। रिपोर्ट सामने आने पर डॉक्टर हैरान रह गए, क्योंकि उसमें दर्ज अधिकांश लोन उनके द्वारा कभी लिए ही नहीं गए थे।
रिपोर्ट में 36 लोन, कई बैंक शामिल
क्रेडिट रिपोर्ट में कुल 36 अलग-अलग लोन दर्ज पाए गए, जिनमें पर्सनल, बिजनेस, होम, गोल्ड और अन्य श्रेणियों के ऋण शामिल हैं। इन लोन की कुल राशि करीब 4.37 करोड़ रुपए बताई जा रही है। रिपोर्ट में एचडीएफसी, सिटी बैंक, केनेरा बैंक, एसबीआई, बीओबी, बजाज फाइनेंस जैसी प्रमुख संस्थाओं के नाम भी सामने आए हैं।
पहचान की जालसाजी, डिटेल भी अलग
डॉक्टर के मुताबिक, रिपोर्ट में दर्ज व्यक्तिगत जानकारियां भी कई जगह मेल नहीं खातीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि किसी ने उनके पैन कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी प्रोफाइल तैयार की।
संभावना जताई जा रही है कि जालसाज ने CIBIL प्लेटफॉर्म पर भी खुद को असली व्यक्ति बताकर एक्सेस हासिल किया और वहां से प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
ईएमआई नियमित, इसलिए नहीं हुआ संदेह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन सभी लोन की किश्तें समय पर जमा कराई जा रही थीं। यही वजह रही कि बैंकिंग सिस्टम में लंबे समय तक किसी तरह की शंका नहीं हुई और पूरा मामला दबा रहा।
एफआईआर के बाद जांच तेज
पीड़ित डॉक्टर ने 27 मार्च को गांधीनगर थाना में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह मामला पैन नंबर के आधार पर समान नाम का उपयोग कर की गई धोखाधड़ी का प्रतीत हो रहा है। 30 मार्च को विभिन्न बैंकों को नोटिस जारी कर संबंधित लोन खातों की पूरी जानकारी मांगी गई है।
बैंकिंग और डेटा सुरक्षा पर उठे सवाल
यह मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि पहचान संबंधी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर किस तरह संगठित तरीके से वित्तीय अपराध किए जा सकते हैं।

