— राजस्थान के 147 नगरीय निकायों में शाम 6 बजे तक मतदान; उदयपुर नगर निगम में 67.26 प्रतिशत वोटिंग, मावली 88.39 और कानोड़ 82.53 प्रतिशत पर पहुंचे 24 News Update उदयपुर। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण में शुक्रवार को प्रदेश के 147 निकायों में मतदान हुआ, लेकिन उदयपुर नगर निगम में शाम 6 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों ने शहर के मतदाता व्यवहार को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। नगर निगम क्षेत्र के 4 लाख 16 हजार 143 पंजीकृत मतदाताओं में से 67.26 प्रतिशत मतदाता ही मतदान केंद्रों तक पहुंचे। यानी करीब 32 प्रतिशत मतदाता शाम 6 बजे तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सके या मतदान के लिए घर से बाहर नहीं निकले। अंतिम मतदान प्रतिशत अभी जारी नहीं हुआ है, इसलिए यह आंकड़ा शाम 6 बजे तक की स्थिति पर आधारित है। उदयपुर जिले की तस्वीर में नगर निगम की तुलना में छोटे नगरीय निकायों ने कहीं अधिक उत्साह दिखाया। मावली नगर पालिका में 8 हजार 198 मतदाताओं में से 88.39 प्रतिशत ने मतदान किया, जबकि कानोड़ नगर पालिका में 9 हजार 395 मतदाताओं में 82.53 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। इस तरह मावली ने उदयपुर नगर निगम से 21.13 प्रतिशत अंक अधिक मतदान किया, जबकि कानोड़ भी शहर से 15.27 प्रतिशत अंक आगे रहा। जिले के तीनों निकायों को मिलाकर शाम 6 बजे तक मतदान करीब 68 प्रतिशत रहा। प्रदेश स्तर पर यह चुनाव 147 नगरीय निकायों, 4 हजार 852 वार्डों और 9 हजार 758 मतदान केंद्रों पर हुआ। दूसरे चरण में 87 लाख 60 हजार 884 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पात्र थे और 18 हजार 266 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चला। इस चरण में जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर और अन्य बड़े नगर निकायों के साथ नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में भी मतदान हुआ। उदयपुर की मतदान रफ्तार सुबह से ही राज्य की चुनावी बहस का हिस्सा रही। सुबह 10 बजे तक नगर निगम में केवल 12.06 प्रतिशत मतदान हुआ था। दोपहर 1 बजे तक यह बढ़कर 39.21 प्रतिशत पहुंचा, जबकि दोपहर 3 बजे तक 52.13 प्रतिशत मतदाता मतदान कर चुके थे। शाम 6 बजे मतदान समाप्ति के समय प्रतिशत 67.26 पर पहुंचा। आंकड़ों से साफ है कि शहर में शुरुआती घंटों में मतदान की रफ्तार धीमी रही और दोपहर बाद मतदान केंद्रों पर गतिविधि बढ़ी। इसके विपरीत मावली और कानोड़ में मतदान की गति लगातार तेज रही। मावली में सुबह 10 बजे तक 37.33 प्रतिशत मतदान हो चुका था और दोपहर 1 बजे यह आंकड़ा 67.57 प्रतिशत तक पहुंच गया। दोपहर 3 बजे तक 79.48 प्रतिशत तथा शाम 6 बजे तक 88.39 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। कानोड़ में भी सुबह 28.86 प्रतिशत मतदान के बाद दोपहर 1 बजे 56.24 प्रतिशत, 3 बजे 70.16 प्रतिशत और शाम 6 बजे 82.53 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। प्रदेश के पहले चरण में 9 सितंबर को 162 नगरीय निकायों में मतदान हुआ था। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण में लगभग 76.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। प्रतापगढ़ जिले की अरनोद नगर पालिका में 91.98 प्रतिशत मतदान प्रदेश में सर्वाधिक रहा, जबकि भीलवाड़ा नगर निगम में मतदान करीब 63.8 प्रतिशत रहा। पहले चरण के आंकड़ों ने यह संकेत दिया कि छोटे शहरों और कस्बों में मतदाता भागीदारी बड़े शहरों की तुलना में अधिक रही। उदयपुर नगर निगम का 67.26 प्रतिशत मतदान पहले चरण के प्रदेशीय औसत से करीब 9 प्रतिशत अंक कम है। हालांकि दोनों चरणों की सामाजिक, भौगोलिक और स्थानीय परिस्थितियां अलग हैं, फिर भी तुलना यह बताती है कि बड़े शहरी क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत बढ़ाना अब भी चुनाव प्रबंधन के सामने बड़ी चुनौती है। मावली और कानोड़ जैसे छोटे निकायों में स्थानीय मुद्दों, प्रत्याशियों से व्यक्तिगत संपर्क और मतदाताओं की सामुदायिक भागीदारी ने मतदान को गति दी, जबकि उदयपुर जैसे बड़े शहर में मतदाताओं की संख्या अधिक होने और क्षेत्रीय विस्तार के कारण मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा। चुनाव के दौरान उदयपुर में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। मतदान केंद्रों पर युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं की भागीदारी दिखाई दी। एनसीसी कैडेट्स और स्काउट्स ने कतार व्यवस्था संभालने तथा बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं की सहायता में सहयोग किया। मावली में यह पहला नगर पालिका चुनाव होने के कारण मतदाताओं में विशेष उत्साह देखा गया। प्रदेश के आंकड़ों की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि मतदान प्रतिशत को केवल अंतिम आंकड़े से नहीं, बल्कि दिनभर की रफ्तार से भी समझना होगा। कई निकायों में सुबह मतदान धीमा रहा, लेकिन दोपहर बाद मतदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ी। उदयपुर में भी यही पैटर्न दिखाई दिया, हालांकि शाम तक शहर 70 प्रतिशत के आंकड़े को पार नहीं कर सका। दूसरी ओर मावली और कानोड़ ने छोटे निकायों में अधिक मतदान की प्रवृत्ति को मजबूत किया। उदयपुर नगर निगम में 80 वार्डों के लिए मतदान हुआ, जबकि मावली और कानोड़ में 20-20 वार्डों के प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हुआ। पूरे प्रदेश में नगर निकाय चुनावों की मतगणना 14 सितंबर को होगी। महापौर और सभापति पदों के चुनाव 21 सितंबर तथा उपमहापौर और उपसभापति पदों के चुनाव 22 सितंबर को प्रस्तावित हैं।उदयपुर नगर निगम में शाम 6 बजे तक करीब 32 प्रतिशत मतदाता मतदान से बाहर रहे, जबकि मावली में यह अनुपात लगभग 12 प्रतिशत और कानोड़ में करीब 17 प्रतिशत रहा। जिले के आंकड़े बताते हैं कि छोटे नगर निकायों में मतदान को लेकर उत्साह बड़े शहरों की तुलना में अधिक रहा। अब 14 सितंबर की मतगणना से यह स्पष्ट होगा कि अधिक मतदान वाले निकायों में किस राजनीतिक दल या प्रत्याशी को इसका लाभ मिला और उदयपुर जैसे बड़े शहर में अपेक्षाकृत कम मतदान का चुनावी असर किस दिशा में जाता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) 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