24 News Update नई दिल्ली. देशभर में कल यानी 9 जुलाई को ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल का असर दिखेगा। 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और उनके सहयोगी संगठनों ने दावा किया है कि इस हड़ताल में 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी शामिल होंगे। बैंकिंग, डाक सेवाएं, परिवहन, बीमा, कोयला खनन और औद्योगिक इकाइयों समेत कई आवश्यक सेवाएं इस दौरान प्रभावित हो सकती हैं। यूनियनें केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध कर रही हैं, जिन्हें वे मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट-समर्थक मानती हैं। वे चार नए लेबर कोड्स, पब्लिक सेक्टर के निजीकरण और श्रमिक अधिकारों में कटौती के खिलाफ आवाज उठा रही हैं। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की अमरजीत कौर ने बताया कि किसान और ग्रामीण मजदूर भी इस आंदोलन का समर्थन करेंगे। हालांकि रेलवे और टूरिज्म सेक्टर को इससे अलग रखा गया है। हड़ताल के चलते सरकारी और कोऑपरेटिव बैंकों में कामकाज ठप, डाक सेवाएं बाधित और राज्य परिवहन की बसें रुकने की आशंका है। कोयला खनन और बीमा सेक्टर भी प्रभावित रहेंगे। वहीं, स्कूल-कॉलेजों को लेकर स्थिति साफ नहीं है, लेकिन परिवहन बाधित होने से छात्र-शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और कृषि मजदूर संगठनों ने भी समर्थन दिया है। ग्रामीण इलाकों में सभाएं और विरोध रैलियां होंगी।
पहले भी नवंबर 2020, मार्च 2022 और फरवरी 2024 में ऐसी देशव्यापी हड़तालें हो चुकी हैं। इस बार यूनियनों ने इसे शांतिपूर्ण बताते हुए सरकार से मजदूर-किसान विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग की है।
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