24 न्यूज अपडेट.जयपुर। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ की ओर से जयपुर में आयोजित आमसभा में कृषक कल्याण फीस बढ़ाने, आयातित माल पर मंडी सेस वसूलने और पुरानी मिलों को रिप्स में छूट न देने के विरोध में 1 से 4 दिसंबर तक राज्य की 247 मंडियों को बंद रखने का निर्णय हुआ है। बंद में दाल मिल, आटा मिल, तेल मिल, मसाला उद्योग और चावल मिल भी शामिल होंगी। विभिन्न जिलों से आए व्यापारिक संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों ने इस पर सहमति दी। चेयरमेन बाबूलाल गुप्ता ने सभी मंडियों को निर्देश दिया कि वे अपना व्यापार बंद रखें। जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपें। चेतावनी दी कि यदि 30 नवंबर तक राज्य सरकार मांगें पूरी नहीं करती तो आंदोलन की अगली रूपरेखा 4 दिसंबर को होने वाली सभा में तय की जाएगी। व्यापारिक प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार पर कृषक कल्याण के नाम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया। राजस्थान आटा रोलर फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन अध्यक्ष गोविंद ग्रोवर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कहा कि मौजूदा नीतियों से उद्योग टिक नहीं पा रहे हैं। सभी प्रतिनिधियों ने 4 दिन के बंद को सफल बनाने का संकल्प लिया।कृषक कल्याण फीस समाप्त करने, आयातित माल पर मंडी सेस वसूली रोकने और पुरानी मिलों को भी रिप्स में छूट देने की मांग की गई है।
1 से 4 दिसंबर तक राज्य की सभी 247 मंडियां बंद रखने का ऐलान, कृषक कल्याण शुल्क का विरोध?

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