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सांसद डॉ रावत की जनसुनवाई: टी मर्चेेन्ट एसोसिएशन ने कृषक कल्याण फीस हटाने की मांग की, रेल विस्तार के सुझाव आए

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-ढीमडी, प्रतापनगर में रास्ता बंद करने की समस्या को मौके पर सुलझाया
-अवैध अतिक्रमणों को लेकर भी लोगों ने शिकायत की


24 News Update उदयपुर।
सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने शनिवार को जिला परिषद स्थित सांसद सेवा केंद्र में जनसुनवाई की जिसमें बडी संख्या में लोगों ने यूडीए, रेलवे, नगर निगम, जिला परिषद, पेंशन विभाग, सड़क तथा जल जीवन मिशन विभाग से संबंधित समस्याएं व सुझाव प्रस्तुत किए। अवैध अतिक्रमण के मामलों में भी लोगों ने शिकायत की।  
जनसुनवाई के दौरान उदयपुर टी मर्चेेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मीलाल ओस्तवाल, उपाध्यक्ष नरेश कुमार जैन व सदस्यों ने सांसद से मुलाकात कर राज्य में चाय-पत्ती पर लगाए गए कृषक कल्याण फीस 0.50 प्रतिशत को हटाने की मांग की। प्रतिनिधियों ने बताया कि कृषि विपणन निदेशालय, जयपुर के 16 सितंबर 2025 के आदेश के अनुसार चाय पत्ती पर कृषक कल्याण फीस 0.50 प्रतिशत वसूलनी बताकर मण्डियों में अधिकारियों को इस बारे में कार्यवाही के निर्देश दिये गये है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा चाय को आम गरीब आदमी का पेय पदार्थ स्वीकार करते हुए इस पर कृषि मण्डी शुल्क जो कि प्रस्तावित किया गया था, उसे स्थगित कर दिया गया था, जो आज तक यथावत जारी है। चाय पत्ती का राजस्थान में उत्पादन या प्रोसेस नहीं होता है तथा जिस राज्य में चाय पत्ती की खेती की जाती है, वहां पर भी किसी प्रकार का शुल्क नहीं लगाया गया है। राजस्थान के अन्य सटे प्रदेशों में कहीं भी चाय पत्ती पर 5 प्रतिशत जीएसटी के अलावा अन्य टेक्स आरोपित नहीं है। इससे दूसरे राज्यों से यहां सीधे चाय की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा और यहां की जीएसटी रेवेन्यू पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
राणा प्रतापनगर के पास ढिमडी बस्ती, रेल्वे कॉलोनी का रास्ता बन्द होने के सम्बन्ध में नागरिकों ने सांसद को परिवाद दिया जिस पर सांसद ने उसी वक्त रेलवे अधिकारियों को फोन कर इस समस्या का तुरन्त समाधान किया गया। उन्होंने बताया कि ढीमडी बस्ती, रेल्वे कॉलोनी के पास में रेल्वे विभाग द्वारा एक ऑफिस एवं रेल्वे अधिकारी क्वार्टर बनाया जा रहा है। इसके पास आने जाने का रास्ता वर्षों से कॉलोनीवासी उपयोग में ले रहे थे। किन्तु वर्तमान में उक्त रास्ता को रेल्वे विभाग द्वारा बाउण्डरी वाल बनाकर बंद किया जा रहा है।
रेलवे की मांग को लेकर भी परिवाद दिए गए। उदयपुर रतलाम गाड़ी का समय परिवर्तन की मांग व दक्षिण भारत के लिए नवीन रेलवे की मांग की गई। बताया कि अजमेर-सियालदह- अजमेर (वाया-पारसनाथ सम्मेट शिखर तीर्थ स्थल) रेल प्रतिदिन अजमेर स्टेशन पर 11 घंटे खड़ी रहती है इसे उदयपुर तक बढाया जाए जिससे आस पास के जिलों के हजारों जैन धर्मावलंबियों को भी तीर्थ यात्रा का फायदा मिल सकता है। लोक-शक्ति एक्सप्रेस यह प्रतिदिन मुंबई-अहमदाबाद मुंबई के बीच चलती है। सुबह 04.20 बजे अहमदाबाद पहुंचती है। शाम को 20.45 बजे मुंबई के लिए प्रस्थान करती है, यानी यह लगभग 16 घंटे से ज्यादा अहमदाबाद में खड़ी रहती है। इसी तरह ट्रेन रतलाम-उदयपुर-रतलाम एक्सप्रेस (19327/19328) जो प्रतिदिन रतलाम उदयपुर-रतलाम के बीच चलती है जो शाम को 23.35 बजे उदयपुर पहुंचती है और मध्यरात्रि 01.35 बजे उदयपुर से रतलाम के लिए प्रस्थान करती है। इस ट्रेन ट्रेन में यात्रियों की ऑक्यूपेंसी हमेशा लगभग शून्य रहती है। यह ट्रेन बिना यात्रियों के हमेशा ही लगभग खाली चलती है। यदि इस ट्रेन के उदयपुर से प्रस्थान का समय प्रातः 6 बजे कर दिया जाए और भोपाल तक विस्तारित कर दिया जाए तो उपयोगी रहेगा।
इसी तरह यूआईटी कन्वर्टेड संजय कॉलोनी, राताखेत में वार्ड न. 10 में के नागरिकों ने डॉ. जगदीश नकेला से शंकर सोलंकी तक की सीसी रोड एवं नालियां निर्माण के संबंध में परिवाद दिया।

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