24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी संकाय के हिन्दी विभाग और राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में हिन्दी दिवस के अवसर पर हिन्दी दिवस गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ. शिल्पा राठौड़ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि हिन्दी हमारे प्रतिदिन की भाषा है। इसका व्यवहार हम प्रतिदिन करते हैं। यह सदैव जीवंत रहनेवाली भाषा है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग करने का संकल्प कराता है।गोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ. मलय पानेरी ने बतौर मुख्य वक्ता उद्बोधन देते हुए कहा कि हिन्दी सदैव समर्थशाली और सशक्त भाषा रही है और रहेगी। इसकी सर्वग्राहिता ही इस भाषा की सबसे बड़ी शक्ति है। सीमाओं में बांधकर भाषाओं का विकास संभव नहीं है। यह भाषा भले ही संवैधानिक शक्ति प्राप्त कर चुकी है, परन्तु भारतीय जनता के द्वारा इसका अधिकाधिक प्रयोग किये जाने परा यह सदैव सामर्थ्यवान बनी रहेगी। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से हिन्दी भाषा के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि आज के दिन हमें हिन्दी के अधिक से अधिक प्रयोग के लिए सकंल्प लेना चाहिए।इस अवसर पर पत्रवाचन करते हुए डॉ. निर्मला शर्मा ने हिन्दी के वर्तमान स्वरूप के बारे में परिचय देते हुए कहा कि जब तक हम सच्चे मन से हिन्दी के प्रति समर्पित नहीं होंगे इस भाषा के भविष्य को लेकर चिन्ता बनी रहेगी। वैश्विक परिदृश्य में अन्य देशों का अपनी भाषाओं के प्रति जैसा आग्रह और प्रयोग है वैसा ही आग्रह और प्रयोग हिन्दी के प्रति होना चाहिए।दूसरे पत्रवाचक के रूप में मदन सिंह रावत ने हिन्दी के विकासक्रम को स्पष्ट करते हुए हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग किस तरह किया जा सकता है पर विचार प्रकट किये। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हिन्दी भाषा के प्रयोग के माध्यम इलेक्ट्रॉनिक माध्यम बन चुके हैं। इसलिए यह भाषा अपनी अस्मिता बनाए रखेगी। हिन्दी के व्यावहारिक प्रयोग की आवश्यकता है।इस अवसर पर प्रो. श्रीनिवान अय्यर ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिन्दी समृद्ध भाषा है। हिन्दी भाषा में शब्दगत विविधता ही इस भाषा की विशेष पहचान है। उन्होंने कहा कि हिन्दी बोलते हुए जब तक हम गौरव की अनुभूति नहीं होगी तब तक इसके भविष्य को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। वरिष्ठ साहित्यकार श्रेणीदान चारण ने इस अवसर पर अपनी भाषा के प्रति अनुराग को लेकर कविता पाठ कर वातावरण को नई ऊर्जा से भर दिया। इस अवसर पर अतिथियों, संकाय सदस्यों द्वारा पोस्टर पर हिन्दी में हस्ताक्षर कर हिन्दी के प्रति अपने भाव अभिव्यक्त किये। इस अवसर पर विश्वविद्यालय चैयरपर्सन कर्नल प्रो शिवसिंह सारंगदेवोत, विद्या प्रचारिणी सभा के मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह राठौड़, प्रबंध निदेशक मोहब्बत सिंह राठौड, कुलसचिव डॉ. निरंजन नारायण सिंह राठौड़ ने हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।विभागाध्यक्ष डॉ. हुसैनी बोहरा ने भारतेन्दु जयंती के अवसर पर भारतेन्दु द्वारा किये गये हिन्दी के प्रति महत्वपूर्ण का स्मरण किया और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक आचार्य डॉ. कीर्ति चुण्डावत ने किया। इस अवसर पर डॉ. मोहन सिंह राठौड़, डॉ. परेश द्विवेदी, डॉ. लोकेश्वरी राठौड़, डॉ. कंचन राठौड़, डॉ नीमा चूण्डावत, डॉ. पंकज मरमट, डॉ. विमल सारस्वत, डॉ. शाकिरा बेगवाला, डॉ. राजजेश्वरी सारंगदेवोत, डॉ. चित्रा शेखावत ,डॉ. युवराज झाला, डॉ. नरेन्द्र सिंह राणावत, डॉ अनिल कुमार मेनारिया, डॉ. डिम्पल राठौड़, डॉ. भावना झाला, डॉ रेखा मेनारिया, डॉ. चन्द्ररेखा शर्मा, उर्मिला पुरोहित, मनस्विनी सोढ़़ा सहित विद्यार्थिगण उपस्थित थे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बेरोजगारों को मेम्बरशिप रैकेट में फंसाने का प्लान हुआ फेल, धरे गए ठग, 100 युवक-युवतियों को जांल में फंसने से बचाया शहर में प्रदूषण नियंत्रण और होटल के लिए पीसीबी लाइसेंस प्राप्ति पर दिए महत्वपूर्ण सुझाव