24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। उदयपुर के राज परिवार के सदस्य महेंद्र सिंह मेवाड़ का कल 84 साल की उम्र में निधन हो गया था। मेवाड़ ने अनंता हॉस्पिटल में रविवार को दोपहर अंतिम सांस ली। उन्हें ब्रेन स्ट्रोक के बाद यहां पर भर्ती करवाया गया थां महेंद्र मेवाड़ के बेटे विश्वराज सिंह नाथद्वारा से भाजपा विधायक और बहू महिमा कुमारी राजसमंद से सांसद हैं। मेवाड़ की अंतिम यात्रा अभी प्रातः 11 बजे समोर बाग़ से प्रारंभ हुई है। जगदीश चौक , घंटाघर, बड़ा बाजार, भड़भुजा घाटी, देहली गेट होते हुए महासतियाँ पहुँचेगी। रास्तेभर में अमर रहे का जयघोष है और पुष्प वर्षा की जा रही है। हजारों नम आखें अंतिम दर्शन कर रही है। इससे पहले समोर बाग पैलेस प्रातः 8 से 11बजे तक अंतिम दर्शन हुए। इसमें जन सैलाब उमड़ता हुआ दिखाई दिया। हर कोई मेवाड़ के एकलिंग दीवान महाराणा के अंतिम दर्शन कर भाव विभोर हो रहा है। सीएम भजनलाल शर्मा जयपुर से सीधे पोन 11 बजे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के मदनसिंह राठौड़ के साथ पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की व इसके बाद सीएम महेंद्र सिंह मेवाड़ के पुत्र व नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ और बहू राजसमंद सांसद महिमा कुमारी से मिले। उनसे शोक संवेदना व्यक्त की। यहां से सीधे चावंड सभा के लिए रवाना हो गए। उन्होंने पत्रकारों से बात नहीं की। इधर, जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल और महापौर गोविंदसिंह टांक, उप महापौर पारस सिंघवी सहित अन्य भाजपा नेता मौजूद थे। कई नेता, समाजसेवी, राजपूत समाज के मेवाड़ सहित राज्यभर से प्रतिनिधि व संगठनों के पदाधिकारी भी पहुंचे हैं। महेंद्रसिंह मेवाड़ को एक डोली में विराजित कर डोल यात्रा 11 बजे आरंभ हुई। सोशल मीडिया पर उन्हें अंतिम विदाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। प्रधानमं़त्री नरेंद्र मोदी से लेकर लगभग सभी बड़े नेताओं ने महाराणा महेंद्रसिंह को अंतिम विदाई की शब्दांजलि अर्पित की है व परिवार को ढांढस बंधाया है। आपको बता दें कि महेंद्र सिंह मेवाड़ 1989 में भाजपा के टिकट पर चित्तौड़गढ़ से लोकसभा का चुनाव लड़कर सांसद बने। इसके बाद 1991 के लोकसभा चुनाव में महेंद्र सिंह ने भाजपा को छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस ने चित्तौड़गढ़ लोकसभा से टिकट देकर मैदान में उतारा। इस बार वे चुनाव हार गए। भाजपा से जसवंत सिंह जसोल ने उनको हरा दिया। लोकसभा चुनाव 1996 में महेंद्र सिंह मेवाड़ को कांग्रेस ने फिर टिकट दिया, लेकिन उनका संसदीय क्षेत्र बदलकर भीलवाड़ा कर दिया। इस बार भाजपा के सुभाष चंद बहेड़िया से हार गए व पॉलिटिक कॅरियर पर विराम लग गया। बरसों बाद उनके पुत्र विश्वराजसिंह मेवाड़ ने उनका सपना फिर से साकार किया और नाथद्वारा विधायक बने। उनकी पु़त्रवधू महिमा कुमारी ने पिछले लोकसभा चुनाव में राजसमंद सीट से वियजश्री हासिल की। पूर्व राजपरिवार का अंत्येष्टि स्थल है महासतियामहासतिया मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्यों का अंत्येष्टि स्थल है, जो उदयपुर शहर के आयड़ क्षेत्र में है। यहां सबसे पहले वर्ष 1615 में महाराणा अमरसिंह प्रथम का अंतिम संस्कार किया गया था।तब से यह राजपरिवार का अंत्येष्टि स्थल बना। तब से यहां सभी पूर्व महाराणाओं का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। यहां हेरिटेज लुक में बनी सैकड़ों छतरियां इस स्थल को खूबसूरत बनाती हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation समोर बाग में महाराणा महेंद्रसिंह मेवाड़ के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जन सैलाब कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपी के जमानत के फैसले को बेटे यश ने दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती