-संसदीय समिति सदस्य श्री रावत ने विश्व की दूसरी सबसे बड़ी कोल माइन गेवरा तथा भिलाई स्टील प्लांट का भी दौरा किया 24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। कोयला, खान और इस्पात संसदीय समिति के सदस्य उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने गुरुवार को छत्तीसगढ प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की। इससे पूर्व सांसद रावत ने समिति सदस्यों के साथ कोरबा में स्थित विश्व की दूसरी सबसे बड़ी कोल माइन गेवरा तथा भिलाई में स्टील प्लांट का भी दौरा कर विविध जानकारियां ली।कोयला, खान और इस्पात संसदीय समिति इन दिनों छत्तीसगढ़ के दौरे पर है। संसदीय समिति के सदस्य सांसद मन्नालाल रावत ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ में जनजातियों के विकास की विभिन्न योजनाओं सहित संवैधानिक अधिकार एवं पेसा कानून के संबंध में विशेष चर्चा हुई। श्री रावत ने राजस्थान के अनुभव साझा किए। वर्तमान समय में पांचवी अनुसूची वाले 10 राज्यों में पेसा कानून को कैसे राज्यपाल के शक्तियों का उपयोग करते हुए और प्रभावित किया जा सकता है, इस संबंध में प्रस्तावित विधेयक व संस्कृति सहित विकास की संभावित योजना के बिन्दुओं पर भी चर्चा की, जिसका लाभ राजस्थान सहित अन्य जनजातीय क्षेत्र वाले राज्यों को मिलेगा।इससे पूर्व श्री रावत ने समिति सदस्यों के साथ विश्व की दूसरी सबसे बड़ी कोल माइंस गेवरा खदान का दौरा किया। सदस्यों ने खनन गतिविधियों की जानकारी ली। दौरे के पहले दिन समिति के सदस्यों ने व्यू पॉइंट से खदान के संचालन को देखा। गेवरा की टीम ने एक फिल्म व पीपीटी के माध्यम से समिति के सदस्यों को खनन कार्यों, सुरक्षा उपायों, ईको-फ्रेंडली एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के बारे में संसदीय समिति के सदस्यों को बताया। खदान दौरे के बाद समिति ने कोयला मंत्रालय, कोल इंडिया व एसईसीएल के प्रतिनिधियों के साथ कोयला खदानों में सुरक्षा विषय पर अनौपचारिक चर्चा में भाग लिया। दौरे के दौरान एसईसीएल एवं कोल इंडिया के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।भिलाई स्टील प्लांट का दौरारू संसदीय स्थायी समिति के सदस्य के रूप में सांसद श्री रावत ने भिलाई स्टील प्लांट का भी दौरा किया। श्री रावत ने बताया कि इस दौरान ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड परियोजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। भिलाई स्टील प्लांट ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहां की अत्याधुनिक तकनीक और पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता सराहनीय है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन की रेलगाड़ियों की देखें समय सारिणी मुंबई, कोलकाता और चेन्नई से भी ज्यादा प्योर गोल्ड का भाव उदयपुर में