24 न्यूज़ अपडेट उदयपुर.मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के विधि संकाय द्वारा स्नेहा सिंह को “भोजन संबंधित छलः भारत के संदर्भ में उभरती हुई चिंताएं (विकसित राष्ट्रों के संदर्भ में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन)” विषय पर पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है।स्नेहा ने अपने शोध कार्य में खाद्य सुरक्षा और भोजन में मिलावट और खाद्य धोखाधड़ी/छल से सम्बंधित भारतीय विधानों, विनियमों और निर्णयों की विवेचना की गई है। अध्ययन का उद्देश्य यह पता लगाना था कि उपरोक्त विषयों में हमारा देश कितना सबल है और कहां पर कमियां हैं, इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय साधनों और विकसित देशों जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय यूनियन थे उनसे भी तुलना की की गई है तथा यह निष्कर्ष निकाला गया कि भारतीय विधानों को अंतर्राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जा रहा है, हालांकि भारत में इन विधानों के कार्यान्वयन में कमी है, FSSAI अभी भी खाद्य धोखाधड़ी को नियंत्रित करने की योजना को लागू करने के प्रारंभिक चरण में है और यह भी निष्कर्ष निकला गया है कि विकसित देशों का खाद्य धोखाधड़ी पर बेहतर नियंत्रण है। निष्कर्षों के मद्देनजर विभिन्न सुझाव दिए गए हैं जो भारत में खाद्य धोखाधड़ी नियंत्रण में सुधार के लिए कई तरह की अंतर्दृष्टि और सिफारिशें प्रदान करते हैं।
डॉ. स्नेहा सिंह वर्तमान में विश्वविद्यालय विधि महाविद्यालय में सहायक आचार्य के रूप में कार्यरत है और डॉ. स्नेहा ने अपना शोध कार्य सह-आचार्य डॉ. राजश्री चौधरी के निर्देशन में पूरा किया है।
सहायक आचार्य स्नेहा सिंह को पीएचडी

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