-राज्यसभा में सांसद चुन्नीलाल गरासिया के प्रश्न पर दिया जवाब
24 News update उदयपुर। उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में
केंद्र सरकार की ओर से खाद्य सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ किया गया है, जिससे उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया द्वारा भारत सरकार स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से देश में खाद्य विनियामक तंत्र के संबध में पूछे गये राज्य सभा अतारांकित प्रश्न के जवाब में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने पिछले पांच वर्षों में खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि पूरे वर्ष नियमित निगरानी अभियान, जांच और विनियामक निरीक्षण किए गए हैं। खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है। उल्लंघन पाए जाने पर कठोर नियामक कार्रवाई की जाती है। पिछले 5 वर्षों में जांचे गए नमूनों में अनुरूप नहीं पाए गए नमूनों के मामलों में कार्रवाई की गई है।
2024-25 के दौरान 1,70,535 नमूने लिए गए जिनमें 34,388 अनुरुप नहीं पाए गए। इसी तरह 2023-24 के दौरान 1,70,513 नमूने लिए गए जिनमें 133,808 अनुरुप नहीं पाए गए। 2022-23 के दौरान 1,77,511 नमूने लिए गए जिनमें 44,626 अनुरुप नहीं पाए गए। 2021-22 के दौरान 1,44,345 नमूने लिए गए जिनमें 32,934 अनुरुप नहीं पाए गए। वर्ष 2020-21 के दौरान 1,07,829 नमूने लिए गए जिनमें 28,347 अनुरुप नहीं पाए गए।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जांच के लिए 252 एनएबीएल अधिसूचित प्रयोगशालाएं और 24 रेफरल प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं। 47 राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपडेट किया गया तथा 34 सूक्ष्म जैविकी प्रयोगशालाएं स्थापित की गई।
मोबाइल खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं (एमएफटीएल) एफएसएसएआई द्वारा 541 के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई, जिनमें से राज्यों व संघ राज्य क्षेत्रों ने 305 का प्रापण और विस्तार किया है।
सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने सरकार ने खाद्य सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया: केंद्रीय राज्य मंत्री

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