उदयपुर। दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एआई सम्मेलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कथित प्रदर्शन को लेकर उदयपुर में सियासत में तीखा टकराव सामने आया। भारतीय जनता पार्टी शहर जिला उदयपुर और युवा मोर्चा के तत्वावधान में सूरजपोल चौराहा पर विरोध प्रदर्शन कर कांग्रेस का पुतला दहन किया गया। भाजपा ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर किया गया यह प्रदर्शन देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष गजपालसिंह राठौड़ ने किया। बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा प्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की गई और कांग्रेस नेतृत्व पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए गए।
जिलाध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की गरिमा सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह वैश्विक आयोजनों में भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस शासन पर भी निशाना साधते हुए तीखी टिप्पणी की।
सहकारिता प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक प्रमोद सामर ने कहा कि 28 देशों की उपस्थिति वाले सम्मेलन में इस प्रकार का प्रदर्शन “मर्यादा के प्रतिकूल” है और इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। उन्होंने इसे राजनीतिक असहमति जताने का अनुचित तरीका बताया।
संचालन जिला महामंत्री पारस सिंघवी ने किया। मीडिया प्रभारी डॉ. सीमा चंपावत के अनुसार प्रदर्शन में पूर्व उपमहापौर, जिला पदाधिकारी, महिला मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, सोशल मीडिया संयोजक तथा युवा मोर्चा के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
राजनीतिक संदर्भ
दिल्ली में आयोजित एआई सम्मेलन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बयानबाजी तेज है। भाजपा इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर “देशविरोधी छवि निर्माण” से जोड़कर देख रही है, जबकि कांग्रेस की ओर से अब तक विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनावी वर्ष की पृष्ठभूमि में ऐसे घटनाक्रमों को लेकर दोनों प्रमुख दल आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं।उदयपुर। दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एआई सम्मेलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कथित प्रदर्शन को लेकर उदयपुर में सियासत में तीखा टकराव सामने आया। भारतीय जनता पार्टी शहर जिला उदयपुर और युवा मोर्चा के तत्वावधान में सूरजपोल चौराहा पर विरोध प्रदर्शन कर कांग्रेस का पुतला दहन किया गया। भाजपा ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर किया गया यह प्रदर्शन देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष गजपालसिंह राठौड़ ने किया। बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा प्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की गई और कांग्रेस नेतृत्व पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए गए।
जिलाध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की गरिमा सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह वैश्विक आयोजनों में भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस शासन पर भी निशाना साधते हुए तीखी टिप्पणी की।
सहकारिता प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक प्रमोद सामर ने कहा कि 28 देशों की उपस्थिति वाले सम्मेलन में इस प्रकार का प्रदर्शन “मर्यादा के प्रतिकूल” है और इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। उन्होंने इसे राजनीतिक असहमति जताने का अनुचित तरीका बताया।
संचालन जिला महामंत्री पारस सिंघवी ने किया। मीडिया प्रभारी डॉ. सीमा चंपावत के अनुसार प्रदर्शन में पूर्व उपमहापौर, जिला पदाधिकारी, महिला मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, सोशल मीडिया संयोजक तथा युवा मोर्चा के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
राजनीतिक संदर्भ
दिल्ली में आयोजित एआई सम्मेलन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बयानबाजी तेज है। भाजपा इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर “देशविरोधी छवि निर्माण” से जोड़कर देख रही है, जबकि कांग्रेस की ओर से अब तक विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनावी वर्ष की पृष्ठभूमि में ऐसे घटनाक्रमों को लेकर दोनों प्रमुख दल आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं।

