24 न्यूज अपडेट. सलूंबर। सलूंबर के रिटर्निंग अधिकारी ने भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी शांता देवी मीणा को नोटिस जारी किया है। इसमें बताया गया है कि उदयपुर में टीआरआई भवन में हुए चुनावी खर्च रजिस्टर के निरीक्षण के दौरान खर्चों में अंतर पाया गया है। शांता देवी की ओर से उनके प्रतिनिधि ने जो चुनावी खर्च बताया है दरअसल वह बहुत कम है जबकि सरकारी स्वतंत्र पर्यवेक्षकों ने खर्च ज्यादा बताया है। दोनों के खर्च में 11 लाख से अधिक का अंतर आ रहा है। नाटिस में बताया गया है कि 4 नवंबर तक किए गए खर्चों के वाउचर उपलबध नहीं करवाए गए हैं। कैश व बैंक रजिस्टर को भी अद्यतन नहीं किया गया है। इसके अलावा प्रत्याशी की ओर से बताए गए 3 नवंबर तक के खर्च में 1 लाख 81 हजार 780 रूपए है जबकि छाया रजिस्टर या कहें कि सरकारी पर्यवेक्षकों की ओर से प्रत्याशी की ओर से व्यय की गई राशि 12 लाख 96 हजार 480 रूपए है। इस प्रकार कुल 11 लाख 47 हजार 700 रूपए का अंतर आ रहा है। नोटिस जारी करके दो दिन में इसका स्पष्टीकरण मांगा गया है। 24 न्यूज अपडेट संवाददाता के विश्लेषण के मुताबिक इसमें नामांकन के दौरान हुई सीएम व बड़े नेताओं की सभाओं के खर्च का पूरा ब्योरा नहीं देने से यह अंतर आया है। इस खर्च को यदि पार्टी स्तर पर किया गया है तो भी उसका ब्योरा दिया जाएगा व निजी स्तर पर हुआ खर्च भी बताया जाएगा जिसका रजिस्टर में अंकर होगा।अन्य को भी नोटिसइधर, कांग्रेस की रेशमा मीणा, अम्बेडकराइट पार्टी ऑफ इंडिया के प्रत्याशी केशूलाल मीणा, बाप के जितेश कुमार मीणा, निर्दलीय डाक्टर सविता कुमारी अहारी को भी रिटर्निंग अधिकारी ने नोटिस जारी करके वाउचर उपलब्ध करवाने तथा कैश व बैंक रजिस्टर को अद्यातन नहीं करने पर जवाब मांगा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation भाजपा ने शांता देवी को दिए 20 लाख, कांग्रेस ने रेशमा को नहीं दी कोई मदद राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक संपन्न, शिक्षकों की अटकी डीपीसी शुरू करने व तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण शुरू करने की उठी मांगे