24 न्यूज अपडेट, अजमेर: अजमेर के श्री जिनशासन तीर्थ क्षेत्र में चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव के चौथे दिन एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब जैसवाल जैन समाज की छह बेटियों ने एक साथ सांसारिक मोह-माया त्यागकर साध्वी जीवन अंगीकार किया। तपकल्याणक के इस पावन अवसर पर 41 साधु-साध्वियों के सानिध्य में इन छह बहनों का दीक्षा ग्रहण करना त्याग और संयम की एक अनुपम गाथा बन गया।प्रातःकाल भक्तिमय वातावरण में भगवान जिनेन्द्र देव का अभिषेक और पूजन संपन्न हुआ। इसके पश्चात तपकल्याणक की महत्वपूर्ण क्रियाएं हुईं, जिनमें भगवान के पूर्व जन्मों की तपस्या का स्मरण किया गया। इस पवित्र बेला का मुख्य आकर्षण रहीं वे छह बहनें, जिन्होंने वैराग्य के मार्ग पर दृढ़ संकल्पित होकर कदम बढ़ाया।इन छह दीक्षार्थी बहनों के सांसारिक वस्त्रों को विधिपूर्वक उतारा गया, जो उनके नवीन आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक था। जैनाचार्य वसुनंदी महाराज ने इन बहनों को दीक्षा प्रदान कर उन्हें जैन साध्वी संघ में दीक्षित किया। इस त्याग और समर्पण के भावुक क्षण के साक्षी हजारों श्रद्धालु बने, जिनकी आंखों में श्रद्धा और सम्मान का भाव स्पष्ट झलक रहा था।इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी तीर्थ क्षेत्र पहुंचकर अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उन्होंने जैनाचार्य वसुनंदी महाराज से आशीर्वाद लिया और छह दीक्षार्थी बहनों के वैराग्य के मार्ग पर चलने के संकल्प की सराहना की। श्रीसंघ की ओर से उनका अभिनंदन किया गया।अपने संबोधन में देवनानी ने कहा कि जैन धर्म का त्याग और तपस्या का मार्ग ही सच्ची शांति और मुक्ति की ओर ले जाता है। उन्होंने दीक्षा लेने वाली बहनों के साहस और दृढ़ निश्चय की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका यह कदम समाज के लिए प्रेरणादायक है।जैन धर्म में दीक्षा सांसारिक आसक्तियों से मुक्ति और आत्म-अनुशासन के जीवन की शुरुआत है। दीक्षा लेने वाले साधु-साध्वी कठोर नियमों का पालन करते हुए आत्मा के कल्याण के लिए तपस्या करते हैं। छह बहनों का एक साथ दीक्षा लेना इस बात का प्रतीक है कि आज भी युवा पीढ़ी में धर्म और त्याग के प्रति गहरी आस्था विद्यमान है।महोत्सव के आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें भगवान आदिनाथ का प्रथम आहार, प्राण प्रतिष्ठा, केवल ज्ञानोत्पत्ति और समवसरण रचना जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान शामिल हैं। 25 तारीख को यह भव्य पंचकल्याणक महोत्सव संपन्न होगा, जो त्याग, तपस्या और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा। आज छह बहनों का दीक्षा ग्रहण करना इस महोत्सव का एक अविस्मरणीय क्षण बन गया, जो त्याग और वैराग्य की महिमा को युगों-युगों तक याद दिलाता रहेगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सांसद डॉ रावत ने की आतंकी हमले की कडी निंदा हीट वेव प्रबंधन और पेयजल को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय, तपती दुपहरी में कलक्टर ने किया गोगुन्दा क्षेत्र का दौरा, बैठक ली, जलाशयों का भी किया निरीक्षण