24 न्यूज़ अपडेट उदयपुर। सनातन पाठशाला समिति द्वारा विश्व ध्यान दिवस पर आंतरिक शांति और वैश्विक सौहार्द के लिए ध्यान विशेषज्ञों की टीम द्वारा अनेक संस्थाओं में ध्यान सत्र और हवन आयोजित किए गए। मीडिया पर प्रभारी नरेश पूर्बिया ने बताया कि विश्व शांति और लोक कल्याण हेतु राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय प्रताप नगर में शान्ति यज्ञ और वैदिक ध्यान डॉ भूपेंद्र शर्मा द्वारा करवाया गया। शिक्षाविद् गोपाल कनेरिया और नवनीत भट्ट ने विश्व बंधुत्व के लिए सामूहिक प्रार्थना करवाई। आभार महाविद्यालय की प्रिंसीपल खुरशीद बानो ने ज्ञापित किया। मुख्य अतिथि वाइस प्रिंसिपल डॉ अलका हाडा थी। सुखाड़िया विश्वविद्यालय योग केंद्र में ध्यान का अभ्यास अंतरराष्ट्रीय योग प्रशिक्षक सुरेश पालीवाल द्वारा करवाया गया। राजकीय आईटीआई शिक्षण केंद्र में ध्यान का अभ्यास मोटिवेशनल स्पीकर और ध्यान विशेषज्ञ आशीष सिंह और आर्ट ऑफ लिविंग की शिक्षिका दिव्या सिंह ने करवाया । विज़न अकादमी सूरजपोल में वरिष्ठ ध्यान विशेषज्ञ गोविंद नंदवाना ने ध्यान का अभ्यास करवाया ।आयुष पैरामेडिकल कॉलेज, सेक्टर 4 के विद्यार्थियों को त्राटक ध्यान और स्वास्थ्य वार्ता योगाचार्य देवाराम राजपुरोहित द्वारा दी गई। राजकीय महाविद्यालय स्तरीय एसटी एससी कन्या छात्रावास में वैदिक ध्यान डॉ भूपेंद्र शर्मा द्वारा करवाया गया। शिवोहम ध्यान केंद्र, तीतरड़ी में योगाचार्य प्रीतम सिंह चुंडावत द्वारा वर्गों के लिए ध्यान सत्र आयोजित किया गया। झामर कोटड़ा रोड सेक्टर 6 स्थित संजीवनी विकलांग छात्रावास के विद्यार्थियों के लिए गायत्री ध्यान सत्र ध्यान प्रशिक्षक डॉ भूपेंद्र शर्मा, गोवर्धन नंदवाना, नवनीत भट्ट और देवा राम राजपुरोहित द्वारा करवाया गया। वानप्रस्थ साधक आश्रम, रोजड गुजरात के ध्यान प्रशिक्षक डॉ भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि गायत्री महामंत्र के अर्थ चिंतन सहित ध्यान से ईश्वर से सभी की बुद्धियों को सन्मार्ग पर प्रेषित करने की प्रार्थना की गई है ताकि पूरे विश्व में अहिंसा, शांति, बंधुत्व ,प्रेम की भावना का विस्तार हो सके। उन्होंने बताया कि सनातन पाठशाला समिति उदयपुर द्वारा ध्यान सप्ताह के अंतर्गत आयोजित किए गए विभिन्न सत्रों का उद्देश्य विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन के उपाय सिखाना और अध्ययन में एकाग्रता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि ध्यान का अभ्यास स्मरण शक्ति, सजगता, स्थिरता और एकाग्रता को बढ़ाने हेतु आवश्यक है । संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा भारत के 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस के रूप में मनाये जाने के प्रस्ताव को पारित किए जाने के बाद पहली बार पूरा विश्व ध्यान के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने हेतु विभिन्न स्तरों पर ध्यान सत्र आयोजित कर रहा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation वृक्षम अमृतम सेवा संस्थान द्वारा पर्यावरण जागरूकता अभियान, कार्यक्रम में 200 आम,शमी एवं गेंदें के पौधों का वितरण वर्तमान परिस्थितियों में ध्यान ही तनाव मुक्ति का सर्वोतम साधन : डॉ. प्रदीप कुमावत