डूंगरपुर। विधि का कैसा विधान है। जिस सर्प प्रेमी ने हजार से ज्यादा सांपों को पकड़ कर लोगों को राहत पहुंचाई व सांपों को बचाया, उसी को सांप ने डस लिया और दुनिया से विदा हो चले। डूंगरपुर के सागवाड़ा के पास पादरड़ी बड़ी निवासी धर्मेंद्र व्यास का बुधवार को सांप के डसने से असामयिक निधन हो गया। पर्यावरण प्रेमी व सांप को रेस्क्यू करने के लिए मशहूर व्यास कल सुबह पत्नी व बेटे के साथ खेतों में काम कर रहे थे। इस दौरान अचानक उनके हाथ पर सांप ने डस लिया। व्यास को पहले से पता था कि उनको जिस सांप ने काटा है वह बहुत विषैला है। उन्होंने तुरंत अस्पताल ले जाने की बात कही। लेकिन बहुत ही विषैले प्रजाति के सांप का जहर शरीर में फै गया। बेटा कुणाल बिना समय गंवाए तुरंत सागवाड़ा अस्पताल लेकर भागा। अस्पताल जाते-जाते वे रास्ते में ही बेसुध हो गए। डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्मार्टम के बाद बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया। व्यास के परिवार में पत्नी, एक बेटा व बेटी हैं। आपको बता दें कि धर्मेंद्र व्यास को आसपास के गांवों के लोग सांप दिखते ही पकडऩे के लिए फोन कर बुलाते थे। और वे भी तुरंत मौके पर पहुंचते थे। उनकी महारथ इस कदर थी कि जहरीले और खतरनाक सांपों को बिना किसी हथियार के पकडक़र सुरक्षित जगह पर छोड़ आते। व्यास ने पिछले 10 साल में एक हजार से अधिक सांपों को पकडक़र बचाया, लेकिन विधि का कैसा विधान है, वे खुद ही सर्प दंश के शिकार होने से खुद को नहीं बचा पाए।
विधि का कैसा विधान : एक हजार सांप पकड़ चुके धर्मेंद्र की सांप डसने से मौत

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