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लोकसभा चुनाव में मोदी, भाजपा और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति को नकारा : मीणा

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उदयपुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ( माक्र्सवादी) जिला कमेटी उदयपुर की बैठक की अध्यक्षता हीरालाल सालवी ने की। पर्यवेक्षक व माकपा राज्य सचिवमंडल सदस्य दुलीचंद मीणा ने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर माकपा पोलिट ब्युरो व राज्य कमेटी बैठक में स्वीकृत राजनैतिक रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि एक तरफ भाजपा – एनडीए केंद्रीय जांच एजेंसियों , मीडिया, चुनाव आयोग, कार्पोरेट से हासिल चुनावी बॉड व समर्थन, साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति का गठबंधन था तो दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन था जो तमाम कठिनाईयों के बावजूद संविधान, संवैधानिक अधिकारों और संस्थाओं को बचाने के लिए लड़ रहा था। चुनाव से विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी, दलों में तोडफ़ोड़, बैंक खाते बंद करना जैसे तमाम गैरकानूनी कदम उठाये गये। प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा नेता हिंदु – मुसलमान कर लगातार चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन करते रहे ,लेकिन चुनाव आयोग मूकदर्शक बना रहा। भाजपा ने पुरा चुनाव मोदी के चेहरे पर लड़ा जबकि इंडिया गठबंधन ने महंगाई, बेरोजगारी, अग्निवीर योजना, किसानों की खराब हालात, श्रमिक अधिकारों, आदिवासियों के अधिकार, जातिगत जनगणना जैसे मुद्दे उठाये।
चुनाव परिणाम स्पष्ट बताते है कि मतदाताओं ने मोदी -भाजपा के हिंदु – मुसलमान साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण, धार्मिक मुद्दों पर राजनीति को नकार दिया, जिसके चलते भाजपा की न केवल 2014,2019 के चुनाव की सीटें घट गई, बल्कि स्पष्ट बहुमत तक नहीं मिला। जनता ने मोदी – भाजपा की बजाय एनडीए सरकार बनाई है,जो नीतिश – चंद्र बाबु नायडु के आशीर्वाद पर निर्भर है। दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन को 235 सीटे देकर मजबूत विपक्ष की भूमिका दी है बल्कि एनडीए सरकार गिरने की स्थिति में इंडिया गठबंधन सरकार भी बनाने के नजदीक है। इस लोकसभा चुनाव में माकपा व वामपंथ को ज्यादा सीटे आने की उम्मीद थी, लेकिन ये संभव ना हो सका। फिर भी वामपंथ ने पिछले लोकसभा चुनाव में मिली पांच सीटो से बढ़ोतरी कर आठ सीटे जीती है। देश में अगर वामपंथ मजबूत होता है तो देश की जनता मजबूत होती है। यह विचार माकपा जिला कमेटी की शिराली भवन में आयोजित हुई बैठक में पार्टी राज्य सचिवालय सदस्य और उदयपुर पार्टी पर्यवेक्षक दूलीचन्द मीणा ने व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि हमने लोकसभा चुनाव में भाजपा हराओ, वामपंथ मजबूत करो और देश में लोकतांत्रिक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाओ के तीन नारे दिये थे, जिसमें से हम भाजपा को हराने में सफल रहे। दूलीचन्द मीणा ने कहा कि भाजपा का अबकी बार चार सौ पार का नारा, उनके अहंकार का प्रतीक था और जनता सबकुछ माफ कर सकती है, लेकिन अहंकार को नहीं। इसीलिए देश की जनता ने भाजपा को सबक सिखाया। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह नारा संविधान बदलने के लिए था, जिसे देश की जनता ने स्वीकार नहीं किया।
माकपा जिला सचिव राजेश सिंघवी ने बताया कि राजस्थान में मतदाताओं ने भाजपा को 25 की बजाय 14 सीटें देकर भजनलाल सरकार को संदेश दे दिया है कि हवाई बातों से जनता खुश नहीं है। राजस्थान सरकार के मंत्री अनाप -शनाप बोलने में समय व्यतीत कर रहे है। प्रथम चरण में वामपंथी दलों के प्रभाव व इंडिया गठबंधन के बेहतर समन्वय के चलते ,भाजपा की बुरी तरह हारी है। लेकिन द्वितीय चरण की सीटों पर कांग्रेस और भारत आदिवासी पार्टी के बीच उचित तालमेल न होने, कांग्रेस द्वारा इंडिया गठबंधन के अन्य दलों से समन्वय की बजाय नेताओं के व्यक्तिगत अभियान, कांग्रेस के कमजोर संगठन, आर एस एस – भाजपा से लडऩे की चेतना के अभाव ने भाजपा को सीटें दे दी वरना भाजपा की 3-4 सीटें और कम की जा सकती थी। सीकर लोकसभा सीट से पार्टी के राज्य सचिव अमरा राम की जीत पर पूरी राजस्थान के पार्टी सदस्यों ने बधाई देते हुए कहा कि उनकी जीत राजस्थान के आम मजदूर, किसान, नौजवान, महिला, छात्र, दहित, आदिवासी, अल्पसंख्यक, छोटे व्यापारी, कर्मचारियों की जीत है। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट चुनाव को आम जनता के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने और जनता के जीवन को बेहतर बनाने के रूप में लेते हैं और अमरा राम की जीत से आम जनता में इस बात की खुशी है कि उनकी आवाज अब संसद में गूंजेगी।
उदयपुर लोकसभा में माकपा एवं अन्य वामपंथी दलों ने उदयपुर लोकसभा सीट पर इण्डिया गठबंधन के उम्मीदवार ताराचन्द मीणा के समर्थन में अभियान चलाया, लेकिन कांग्रेस पार्टी का सांगठनिक ढांचा नहीं होने एवं कांग्रेस पार्टी के नेताओं की उपेक्षा के कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा। सिंघवी ने वर्ष 2024 की पार्टी सदस्यता नवीनीकरण की रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि इस बार उन्हीं पार्टी सदस्यों का नवीनीकरण किया गया है, जो जनता के हितों के प्रति प्रतिबद्ध और जवाबदेह हो अनुशासन से पार्टी के संगठन और संघर्ष को आगे बढ़ाये। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट होना बेहतर इंसान होने की प्रक्रिया है।
बैठक में प्रभूलाल भगोरा, गुमान सिंह राव, प्रेमचन्द पारगी, हाकर चन्द खराड़ी, प्रताप सिंह देवड़ा, प्रभूलाल श्रीमाली ने भी विचार व्यक्त किये। बैठक के अंत में धन्यवाद देने के साथ अमरा राम की जीत पर मिठाई वितरित की गई।

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