24 न्यूज अपडेट. चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ गंगरार उपखंड के सालेरा स्कूल में अश्लील हरकतें करते हुए वीडियो में कैद हुए दोनों शिक्षकों की नौकरी पर आंच आ गई है। पहले उनको निलंबित किया गया था मगर लगातार दबाव के बाद अब जांच के दौरान ही दोनों को बर्खास्त करने का फरमान आ गया है। दोनों की सरकारी नौकरी वापस ले ली गई है। आपको बता दें कि 18 जनवरी को सालेरा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के संस्था प्रधान शिक्षक नेता अरविंद नाथ व्यास और महिला शिक्षिका का रासलीला वाला वीडियो देश विदेश में वायरल हो गया था जिससे तूफान आ गया। शिक्षक बिरादरी की किरकिरी होने के बाद से जबर्दस्त आक्रोष फैल गया था। लोगों ने कल उदयपुर निदेशालय से गए जांच दल के सामने विरोध करते हुए स्कूलों की तालाबंदी तक कर दी थी। दरअसल विभाग किसी खास के दबाव में आकर मामले को रफा दफा करने पर तुला हुआ था। फौरी कार्रवाई के तौर पर केवल दोनों को ससप्ेंड कर दूसरे स्कूलों में लगा दिया गया था व इंतजार किया जा रहा था कि मामला किसी भी तरह से ठंडा हो जाए। लेकिन लोगों के आक्रोष के आगे विभाग व सरकार को झुकना ही पड़ा। महिला टीचर ने बताया एडिटिंग वीडियो, जबकि प्रिंसिपल ने नहीं दिया स्पष्टीकरण जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक राजेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि शनिवार को गंगरार के सालेरा गांव के राजकीय स्कूल के प्रिंसिपल अरविंद व्यास और महिला टीचर का वीडियो वायरल हुआ। जो राष्ट्रीय न्यूज में चलाया गया। दोनों ने स्कूल में ही प्रिंसिपल के ऑफिस में ही अनैतिक हरकत की। जिसके कारण शिक्षा विभाग की काफी बदनामी हुई है। दोनों को निलंबित करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया था। शिक्षा विभाग द्वारा गठित टीम के सामने पेश होकर 20 जनवरी को दोनों को स्पष्टीकरण देना था। प्रिंसिपल अरविंद व्यास ने टीम के सामने अपना कोई भी स्पष्टीकरण पेश नहीं किया है। वहीं, महिला टीचर ने टीम के सामने ये स्वीकार किया है की वीडियो में दिखने वाली महिला वह खुद है। लेकिन वीडियो एडिट किया हुआ है। जब जांच टीम ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच की तो पाया कि यह वीडियो सही है और उसमें सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल और महिला टीचर ही है। यह वीडियो भी प्रिंसिपल के ऑफिस का ही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों को टर्मिनेट किया गया है। राजेंद्र कुमार शर्मा ने अपने आदेश में यह बताया है कि अरविंद व्यास के खिलाफ उनके अनैतिक आचरण को देखते हुए एक तरफा फैसला लिया गया है। टीचर्स को उच्च चरित्रवान होना चाहिए DEO राजेंद्र शर्मा ने कहा कि यह एक गरिमामयी पद है और उन्होंने बच्चों, उनके पेरेंट्स का भरोसा भी तोड़ा है। इस हरकत से शिक्षा विभाग की छवि पूरे देश और प्रदेश में धूमिल हुई। दोनों एक लोकसेवक है और टीचर्स है। इसके बावजूद भी यह हरकत स्कूल में ही की गई है। टीचर्स का उच्च चरित्रवान, सदाचारी, नैतिक दृष्टि से सबल और आदर्श व्यक्तित्व का होना जरूरी है। इससे स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ-साथ पेरेंट्स के विश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation स्कूल में शिक्षकों की रासलीला को पकड़ने के लिए ग्रामीणों ने ही लगाए थे कैमरे, दोनों सस्पेंड साढ़े छः किलो गांजे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, स्कूटी जब्त, दो दिन के पुलिस रिमांड पर