24 न्यूज अपडेट, ब्यूरो। महिला पहलवानों से यौन शोषण के आरोपी बृजभूषण शरण सिंह खुद इलेक्शन की जंग हार गए हैं इस बार लोकसभा चुनाव में उनका टिकट काट दिया गया है। लेकिन टिकट परिवार में ही गया है और भाजपा ने उनके छोटे बेटे करण भूषण को कैसरगंज से उम्मीदवार बनाया है। इसकी आहट तो आज सुबह से हो गई थी व शाम को इसकी घोषणा कर दी। कल नामांकन का आखिरी दिन भी हैं। करण भूषण उत्तप्रदेश के कुश्ती संघ के अध्यक्ष भी हैं। उनके बायोडेटा के अनुसारन वे भारतीय कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष रही मगर पिता के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद पद छोड़ दिया। शुक्रवार को करण नामांकन करेंगे। करण सिंह के प्रतिनिधि जगन्नाथ तिवारी ने गुरुवार को कैसरगंज से नामांकन के 4 सेट खरीदकर बता दिया कि कल उनका धूम धडाके के साथ नामांकन होने जा रहा है। बृजभूषण के बड़े बेटे प्रतीक ने गुरुवार सुबह भाई करण को टिकट मिलने के संकेत दिए थे। वॉट्सऐप पर लिखा था- करण भूषण सिंह। आपके आशीर्वाद का आकांक्षी- कैसरगंज। करण भूषण का आज एक वीडियो सामने आया। इसमें वह पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लेते नजर आ रहे हैं। करण भूषण का जन्म 13 दिसंबर 1990 को हुआ। एक बेटा और एक बेटी है। वह डबल ट्रैप शूटिंग के नेशनल खिलाड़ी रहे, अपने पिता के नंदिनी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। ऑस्ट्रेलिया से बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई की। फिलहाल उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष हैं। पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। इस टिकट को लेकर काफी घमासान मचा हुआ था। पार्टी को आशंका थी कि बृजभूषण का टिकट कटने से ठाकुर बिरादरी नाराज होगी व कम से कम छह सीटों पर असर हो सकता है। कैसरगंज के अलावा आस पास के इलाकों में बृजभूषण राजनीति के आभूषण हैं। इधर, गाजियाबाद से वीके सिंह के टिकट कटने के बाद से ठाकुरों में गहरी नाराजगी थी इसलिए यह टिकट ठाकुर नेता को देना जरूरी हो गया। बृजभूषण के बेटे करण भूषण बेदाग हैं। यादवों और ठाकुरों के बीच अच्छी पैठ है। गोंडा, बहराइच में उनकी 50 स्कूल-कॉलेजों की चेन हैं जिस वजह से युवाओं में खासी पकड है। इधर टिकट मिलते ही साक्षी मलिक ने कहा-असली राज तो ब्रजभूषण ही करेगा। महिला रेसलर्स के यौन उत्पीड़न को लेकर ब्रजभूषण सिंह के खिलाफ आवाज उठाने वाली साक्षी मलिक और उनके पति सत्यव्रत कादियान ने कहा कि बृजभूषण के बेटे को लोकसभा टिकट देना लोगों को गुमराह करने जैसा है। असली राज तो वही करेगा। अगर बेटे को टिकट देना ही था तो केंद्र सरकार पहले बृजभूषण को गिरफ्तार करती और फिर उनके बेटे को प्रत्याशी घोषित करती। या फिर ब्रजभूषण के किसी नजदीकी की जगह अन्य उम्मीदवार को मैदान में उतारती, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। हमने उनके खिलाफ आंदोलन किया था, लेकिन अब लोकसभा चुनाव आ चुके हैं। इसमें ब्रजभूषण का बेटा सिर्फ एक डमी कैंडिडेट भर है। असली सत्ता तो बृजभूषण ही चलाएगा। लोकसभा चुनाव ही नहीं, ब्रजभूषण ने कुश्ती फेडरेशन में भी ऐसा ही किया और अपने नजदीकियों को डमी बनाकर राज कर रहा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation पीएम मोदी के खिलाफ श्याम रंगीला मैदान में, क्या कुछ कहा वीडियो में देखें- राहुल गांधी ने रायबरेली से दाखिल किया नामांकन, खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका, रहे साथ