24 न्यूज अपडेट.सलूंबर। सलूंबर उप चुनाव की तारीखें जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही हैं चुनावी माहौल में गर्मी भी बढ़ती जा रही है। झाड़ोल में पार्टी विद डिफरेंस का नारा लेकर चलने वाली भाजपा के पदाधिकारी मंच पर आवाजाही को लेकर आपस में उलझ गए। बात हाथापाई, धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। मंच पर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा सहित अन्य पदाधिकारी विराजे हुए थे। बाद में बीच-बचाव कर मामला शांत किया गया। रूठे पदाधिकारी को घर जाकर मनाया गया व वापस बुला कर झगड़े को दी एंड कर दिया गया। भाजपा को पता है कि सलूंबर में हर वोट बहुत ज्यादा कीमती है। यहां पर सीट नहीं, पार्टी की विचारधारा दांव पर लगी हुई है जिसका बीटीपी की विचारधारा से सीधा मुकाबला होता हुआ दिखाई दे रहा है। कांग्रेस में अंतर्कलह क्लाइमैक्स पर पहुंच गई है तो भाजपा ने भितरघात की संभावनाओं को नामांकन से पहले ही चार्टर्ड प्लेन पॉलिटिक्स के माध्यम से धरातल पर ही खत्म करने कर दिया है। सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भाजपा की झाड़ोल में शाम को चुनावी सभा थी। सभा के दौरान पदाधिकारी मंच पर विराजमान थे जिसमें उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, मंडल अध्यक्ष सहित जिला स्तर के पदाधिकारी थे। अचानक सभा के दौरान भाजपा का ललित पटेल मंच पर आ गया। ओबीसी मंडल अध्यक्ष रमेश डंगीरा ने उसको तुरंत मंच से उतरने की बात कह दी। यह बात ललित को नागवार गुजरी और दोनों में हाथापाई की नौबत हा गई। धक्का-मुक्की होने लगी व इस दौरान कार्यकर्ता मंच से नीचे गिर गया व कार्यक्रम छोड़ कर घर चला गया। पीछे से कुछ कार्यकर्ताओं को उसके घर भेजा गया व मना कर वापस कार्यक्रम में लेकर आए और कसमे-वादे, मान-मनौव्वल के दौर चले व बड़े पदाधिरियों के सामने मामला सेटल हुआ। आपको बता दें कि सलूंबर में अभी भाजपा के वोटों के गणित के माइक्रो मैनेजमेंट में हर एक पदाधिकारी व कार्यकर्ता को साधारण से लेकर आर्थिक इमदाद तक की तवज्जो दी जा रही है। रूठों को मनाने के लिए निम्बाहेड़ा विधायक से लेकर देहात जिलाध्यक्ष तक की फौज युद्धभूमि में तैनात है। मंडल अध्यक्षों के अहम को अलग-तरीके से तुष्ट करते हुए एक प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। खास तौर पर सराड़ा में नाराजगी ज्यादा है। ऐसे में वहां का माइक्रो मैनेजमेंट हो रहा है। आरएसएस के पदाधिकारी भी ग्राउंड कवर करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। परसों चावंड में नाराज कार्यकर्ताओं को मना कर उनका भरत मिलाप किया गया व उनमें भविष्य के सुनहरे वादों का जोश भरते हुए फील्ड में फिर से तैनात किया गया। यह दौर लगातार मंडलवार चल रहा है। यदि सूक्ष्म रूप से देखें तो पार्टी अपने अमृत तुल्य टिकट के फैसले को हर हाल में सही साबित करने के फार्मूले पर काम कर रही है व इसमें सबसे बड़ी भूमिका में कार्यकर्ताओं को देखा जा रहा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation विधानसभा उपचुनाव 2024 : सलूंबर में होम वोटिंग से मतदान की प्रक्रिया शुरू एपीओ हो गए शिक्षक 17, जो बन गए थे चुनावों के लिए खतरा