24 न्यूज अपडेट.डूंगरपुर। सरकार किसकी भी हो भाई-भतीजावाद और सिस्टम में रच बस कर अपनों को लाभ देने की परम्परा जिंदाबाद थी, है और रहेगी। बस मोहरे और चहेरे बदल जाते है। सत्त में आते ही नेताओं के पर निकल आते हैं व वे जनता की परवाह किए बिना खुद के लोभ के लिए फैसले लेने लगते हैं। लेकिन जब यही जनता सबक सिखाने उतरती है तब फैसले भी पलट जाते हैं और स्टेटमेंट भी बदल जाते हैं। ताजा मामला डूंगरपुर में स्वच्छ परियोजना में भाजपा नेताओं के रिश्तेदारों की नियुक्ति का है जिसमें जग हंसाई होने के बाद इस पर रोक लगा दी गई है। स्वच्छ परियोजना में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से भाजपा नेताओं की पत्नी, भाई और रिश्तेदारों को चीफ कोऑर्डिनेटर, कोऑर्डिनेटर और असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर बनाने का मामला था। गुपचुन नियुक्तियां हो गई व मजे की नौकरी का इंतजाम था मगर जनता दरबार में मामला तूल पकड़ गया व इज्जत पर आंच आती देख अब यू टर्न ले लिया गया है। विवाद होने पर प्लेसमैंट एजेंसी ने भाजपा नेताओं के परिवार और रिश्तेदारों को लगाने के आदेश को रोक दिया है। प्लेसमैंट एजेंसी का पत्र वायरल हो रहा है। जिसमें कंपनी ने कार्मिकों को हटाने और लगाने के आदेशों को लंबित करने की बात लिखी है। आपको बता दें कि डूंगरपुर में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (टीएडी) की ओर से संचालित स्वच्छ परियोजना में प्लेसमैंट एजेंसी के जरिए चीफ कोऑर्डिनेटर, कोऑर्डिनेटर ओर असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर लगाने में भारी फर्जीवाड़ा किया गया। 10 साल से ज्यादा समय से लगे कार्मिकों को गेट आउट कर दिया गया। इसके बाद बिमलराज आउटसोर्सिंग प्राइवेट लिमिटेड के जरिए भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश पाटीदार की पत्नी गायत्री पाटीदार, नगर परिषद में उपसभापति सुदर्शन जैन की पत्नी जया जैन, पूर्व राज्यमंत्री सुशील कटारा का छोटा भाई हेमेंद्र कटारा ओर डूंगरपुर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी रहे बंशीलाल कटारा के करीबी सुखलाल पटेल समेत 14 परिचित और रिश्तेदारों को नौकरी पर लगा दिया। मामला उजागर होने के बाद जब मीडिया में खबरें प्रसारित हुई तो वागड़ में पहले से कमजोर भाजपा की खूब किरकिरी हो गई। ईमानदारी धरी रह गई, भाई भजीवाद नहीं करने के जुमले धूल फांकने लगे। भाजपा में ही अन्य कार्यकर्ता नाराज हो गए। कांग्रेस और बीएपी नेताओं को राजनीतिक का मौका मिल गया, उन्होंने इसे बेरोजगारों के साथ धोखा बताया। मामले के तवे की गर्मी अंदर तक पहुंचते ही प्लेसमैंट एजेंसी बिमलराज आउटसोर्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कार्मिकों को हटाने और लगाने के ऑर्डर को लंबित करने का लेटर आ गया। कंपनी के कंधे पर बंदूक रख कर अब लीपापोती की जा रही है।
भ्रष्टाचार का डबल इंजन, भाई भतीजावाद की हद: पोल खुलते ही स्वच्छ परियोजना में भाजपा नेताओं के रिश्तेदारों की नियुक्ति पर रोक, सत्ता के नशे में चूर होकर किया था यह काम

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