24 News Update जालोर | राजस्थान के जालोर जिले के बागोड़ा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की नृशंस हत्या कर दी। हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को रस्सी से लटका दिया गया, लेकिन सिर और शरीर पर चोटों के निशान तथा समाजजनों की पूछताछ के बाद सच सामने आ गया। मृतक नरसाराम के भाई की शिकायत पर पुलिस ने पत्नी माफी देवी और उसके प्रेमी सांवलाराम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।हत्या की रात: प्रेमी के साथ रंगे हाथ पकड़े जाने पर मारा गया नरसाराममृतक के छोटे भाई दूदाराम ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि 25 मई की रात उसकी भाभी माफी देवी बदहवासी की हालत में उसके पास आई और कहा कि उनके भाई नरसाराम ने कमरे में फांसी लगा ली है। वह जब मौके पर पहुंचे तो नरसाराम का शव फंदे से लटका मिला और सिर के पीछे से खून बह रहा था। पहले तो इसे आत्महत्या माना गया और समाज की रीतियों के अनुसार शव को दफना दिया गया। लेकिन शक तब गहरा हुआ जब शव पर गहरी चोटों के निशान दिखाई दिए। पूछने पर माफी बार-बार यही कहती रही कि उसने पति को फंदे से लटकते हुए देखा था। लेकिन 28 मई को पंचों की सख्त पूछताछ में माफी टूट गई और जुर्म कबूल कर लिया।कैसे रची गई हत्या की साजिश: प्रेमी के साथ मिलकर दिया वारदात को अंजाममाफी देवी ने स्वीकार किया कि उसके पिछले 5-6 वर्षों से सांवलाराम नामक युवक से अवैध संबंध थे। 25 मई की रात को सांवलाराम उससे मिलने आया था। इसी दौरान पति नरसाराम ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इस पर कहासुनी हुई और सांवला राम ने लाठी से नरसाराम के सिर पर वार किया, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद बेहोशी की हालत में उसे ज़हर पिलाया गया और फंदे से लटका दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या जैसा लगे। जाते समय सांवलाराम ने माफी को धमकाया कि यदि किसी को बताया तो जान से मार देगा।पोस्टमॉर्टम के लिए शव बाहर निकाला जाएगाबागोड़ा थानाधिकारी हुकमाराम के अनुसार, अब जिला कलेक्टर और एसपी के निर्देशों पर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति कर दफनाए गए शव को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू होगी। मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, जिससे हत्या की पुष्टि कानूनी रूप से हो सके।परिवार और समाज सदमे में, मासूम बेटियों का क्या होगा?मृतक नरसाराम की करीब 6 साल पहले माफी देवी से शादी हुई थी। उनके दो बेटियां हैं — एक चार साल की और दूसरी डेढ़ साल की। इस त्रासदी से न केवल परिवार बल्कि पूरा गांव स्तब्ध है। मासूम बच्चियों के भविष्य को लेकर परिजन और समाजजन चिंता में हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सांसद डॉ रावत ने जनसुनवाई में निबटाए कई मामले, एसडीओ धरियावद के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखा महिला ने निजी भूमि दान दी जिस पर आंगनवाडी केंद्र बना, एसडीओ ने नोटिस जारी कर महिला से जवाब मांग लिया कन्हैयालाल हत्याकांड पर अशोक गहलोत बोले-6 महीने से केस में कोई तारीख ही नहीं पड़ी