24 न्यूज अपडेटdesk24newsupdate@gmail.comउदयपुर . पन्नाधाय की 534वीं जयंती पर जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विवि के कुलपति सभागार में आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि पन्नाधाय मेवाड़ के इतिहास का वह नाम है जिसका सानी विश्व इतिहास में खोजने पर भी नहीं मिलता। पन्नाधाय त्याग, तपस्या, सपर्मण, स्वामी भक्त एवं वचनबद्धता की प्रतिभूर्ति थीं। पन्नाधाय को सर्वोत्कृष्ट बलिदान के लिए जाना जाता है जिन्होंने अपने एकमात्र पु़त्र चंदन का बलिदान देकर मेवाड़ राज्य़ के असली वारिस महाराज कुंवर उदय सिंह के प्राणों की रक्षा की। पन्नाधाय दृढ़ निश्चय की धनी थी, जिन्होंने महारानी कर्मवती को दिया गया वचन पूरा किया। भारतीय संस्कृति, परम्परा, विरासत विश्व में अद्भुत है। हमारे इतिहास को तोड़ – मरोड़ कर लिखा गया , आवश्यकता है तथ्यों के आधार पर इतिहास के पुनर्लेखन की, जिससे पन्नाधाय जैसी अन्य विरांगनाओें को भी इतिहास में अपना स्थान मिल सके।इस अवसर पर कुल प्रमुख भंवर लाल गुर्जर, पीजी डीन प्रो. जीएम मेहता, रजिस्ट्रार डॉ. तरूण श्रीमाली, परीक्षा नियंत्रक डॉ. पारस जैन, डॉ. भवानीपाल सिंह राठौड़, डॉ. चन्द्रेश छतलानी, डॉ. कुलशेखर व्यास, निजी सचिव केके कुमावत, जितेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. सपना श्रीमाली, डॉ. गुणबाला आमेटा, डॉ. अपर्णा श्रीवास्तव, डॉ. यज्ञ आमेटा, नारायण पालीवाल, डॉ. ललित, शोएब कुरैशी, विकास डांगी सहित कार्यकर्ताओं ने पन्नाधाय की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हे नमन किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation एएसआई पेपरलीक : नकल करने वाले परीक्षार्थियों को साथ लेकर एसओजी टीम पहुंची उदयपुर पिम्स मेवाड़ कप का पहला सुपर ओवर, मेवाड़ टूरिज्म क्लब ने जीता