24 न्यूज अपडेट नई दिल्ली। राज्यसभा में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी सांसद जया बच्चन और सभापति जगदीप धनखड़ के बीच तीखी बहस हुई। बहस खत्म होने के बाद जया बच्चन ने सदन के बाहर मीडिया से बात की और जगदीप धनखड़ पर आरोप लगाए। सदन में जया बच्चन ने जगदीप धनखड़ के बोलने के तरीके पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि वह अभिनेत्री हैं, कलाकार हैं, टोन समझती हैं और सभापति की टोन या बॉडी लैंग्वेज (हाव-भाव) ठीक नहीं है। इस पर जगदीप धनखड़ ने कहा कि बेशक आप टोन समझती हैं, लेकिन एक अभिनेता को डायरेक्टर की बात सुननी होती है। यहां का डायरेक्टर मैं हूं, इसलिए मेरी बात मानिए, बैठ जाइए। सदन से बाहर निकलने के बाद जया बच्चन ने कहा “जब तक वह (जगदीप धनखड़) चेयर पर बैठे हैं तब तक ठीक है, लेकिन सदन के बाहर वह भी आम सांसद की तरह हैं। वह हमारे अन्नदाता नहीं हैं। मैंने सभापति की टोन पर आपत्ति जताई थी। विपक्षी नेता के बोलते समय वह माइक बंद कर देते हैं। बुद्धिहीन जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि ’आप सेलिब्रिटी होंगी, लेकिन मुझे फर्क नहीं पड़ता।’ इस पर मैंने कहा कि मैं सांसद हूं और मुझे बोलने दें। उन्हें माफी मांगनी चाहिए। वह कुर्सी पर बैठे हैं और उन्हें फर्क पड़ना चाहिए।“ या बच्चन इससे पहले भी राज्यसभा में सभापति से उलझती रही हैं। इसी सत्र में जब उपसभापति हरिवंश सदन का संचालन कर रहे थे तब उन्होंने जया बच्चन को पूरा नाम (जया अमिताभ बच्चन) लेकर संबोधित किया था। इस पर जया बच्चन ने आपत्ति जताई थी और कहा था कि आज के समय में औरतों को उनके पति के नाम से जाना जाता है, जैसे किसी औरत की खुद की कोई पहचान नहीं है। इस पर हरिवंश ने कहा था कि आपने खुद के दम पर नाम कमाया है। जगदीप धनखड़ ने अगले दिन इसका जवाब दिया था। उन्होंने कहा कि हरिवंश की छवि नियमों को मानने वाले सरल और शांत व्यक्ति की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि रिकॉर्ड में जया का नाम जया अमिताभ बच्चन ही है। ऐसे में हरिवंश ने कुछ गलत नहीं किया था। दिलचस्प बात यह है कि जब शुक्रवार को जया को बोलने का मौका मिला तो उन्होंने खुद अपना नाम जया अमिताभ बच्चन ही लिया।कार्यवाही के बीच आसन छोड़ गए थे धनखड़गुरुवार को विपक्ष के कुछ सदस्यों के अमर्यादित आचरण से दुखी होकर सभापति जगदीप धनखड़ यह कहते हुए आसन छोड़कर चले गए कि वह कुछ समय के लिए सदन में बैठने में खुद को सक्षम नहीं पा रहे हैं। विपक्ष ने विनेश फोगाट का मुद्दा उठाने की अनुमति मांगी थी। ऐसा नहीं होने पर विपक्षी नेता शोरगुल करने लगे थे। इस बीच धनखड़ ने डेरेक से कहा, ‘‘सदन में आपका आचरण सबसे खराब है। आप आसन पर चिल्ला रहे हैं। मैं इसकी निंदा करता हूं। अगली बार मैं आपको दरवाजा दिखा दूंगा। आपने आसन पर चिल्लाने की हिम्मत कैसे की?’’ विपक्ष के नेता की ओर हाथ करते हुए सभापति ने कहा कि और वरिष्ठ नेता इस पर (डेरेक के आचरण पर) कोई ध्यान नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण आचरण है।’’ इसी दौरान नारेबाजी करता हुआ समूचा विपक्ष सदन से बहिर्गमन कर गया था। कुछ समय बाद धनखड़ भी आसन छोड़ चले गए थे और शून्यकाल का संचालन हरिवंश ने किया था। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मनीष सिसोदिया को 17 महीने बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत, आज शाम को तिहाड़ से बाहर आएंगे, समर्थकांं में खुशी की लहर, खबर सुन रो पड़ी आतिशी, सिसोदिया के मुख्यमंत्री कार्यालय और सचिवालय में एंट्री पर रोक के सरकारी वकील के आग्रह को कोर्ट ने ठुकराया 400 विद्यार्थियों ने किया दो दिन तक सामुदायिक कार्य, नया खेड़ा में कौशल विकास के साथ स्वास्थ्य एवं पर्यावरण चेतना के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित