उदयपुर। राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने शुक्रवार को राज्यसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से उदयपुर में रेलवे कार्यों की प्रगति का मुद्दा उठाया। श्री गरासिया ने राज्यसभा में रेल मंत्री से तारांकित प्रश्न के माध्यम से उदयपुर से हिम्मतनगर होकर असारवा तक रेल मार्ग पर आमान परिवर्तन कार्य के बारे में जानकारी चाही। प्रत्युत्तर में रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि उदयपुर-हिम्मतनगर असारवा रेल लाइन (299 किलोमीटर) का आमान परिवर्तन कार्य पूरा कर लिया गया है। हिम्मतनगर से असारवा खंड को 2019 में तथा उदयपुर-हिम्मतनगर खंड को 2022 में कमीशन कर दिया गया है। असारवा-हिम्मतनगर खंड में पहली रेलगाड़ी अक्टूबर 2019 में शुरू की गई थी और असारवा-हिम्मतनगर- उदयपुर में पहली रेलगाड़ी अक्टूबर 2022 में शुरू की गई थी। इस परियोजना पर 3976.21 करोड़ का व्यय किया गया है। वर्तमान में. 05 जोड़ी रेलगाड़ी सेवाएं उदयपुर-हिम्मतनगर-असारवा खंड के यात्रियों की जरूरतों को पूरा कर रही हैं। हिम्मतनगर असारवा खंड पर विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है तथा उदयपुर-हिम्मतनगर खंड पर विद्युतीकरण का 80 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है।अमृत भारत स्टेशन योजना में हो रहा उदयपुर स्टेशन का कायाकल्परेलमंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन के वृहद उन्नयन कार्य को अगस्त-2022 में 354.01 करोड़ की लागत पर मंजूरी दी गई है। उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर, निविदाएं प्रदान की जा चुकी हैं और पूर्व दिशा में स्टेशन भवन का संरचनात्मक कार्य पूरा हो चुका है। पश्चिम दिशा में. बेसमेंट के लिए संरचनात्मक कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा, कॉनकोर्स की व्यवस्था, इमारतों की फिनिशिंग, पश्चिम दिशा में स्टेशन भवन का संरचनात्मक कार्य, परिचलन क्षेत्र आदि के लिए कार्य शुरू किए गए हैं।यह भी दिया ब्यौरारेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा सांसद श्री गरासिया के प्रश्न के उत्तर में राजस्थान की अन्य रेल परियोजनाओं का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया। इसमें बताया कि दिनांक 01.04.2024 की स्थिति के अनुसार, राजस्थान में पूर्णत: अंशत: पडऩे वाली 51,814 करोड़ रूपये लागत वाली 4191 किलोमीटर लंबाई की 32 रेल अवसंरचना परियोजनाएं (15 नई लाइनें, 05 आमान परिवर्तन और 12 दोहरीकरण) योजना/अनुमोदन / निष्पादन के विभिन्न चरणों में हैं। इसमें से 1183 किलोमीटर लंबाई को कमीशन कर दिया गया है और मार्च, 2024 तक 14785 करोड़ रूपये का व्यय किया गया है। इनमें 20997 करोड़ रूपये की लागत पर 1230 किलोमीटर कुल लंबाई की 15 नई लाइन परियोजनाएं, जिसमें से 134 किलोमीटर लंबाई को कमीशन कर दिया गया है और मार्च, 2024 तक 3593 करोड़ रूपये का व्यय किया गया है।8334 करोड़ रूपये की लागत पर 1252 किलोमीटर कुल लंबाई की 05 आमान परिवर्तन परियोजनाएं, जिनमें से 759 किलोमीटर लंबाई को कमीशन कर दिया गया है और मार्च, 2024 तक 5398 करोड़ रूपये का व्यय किया गया है। 22483 करोड़ रूपये की लागत पर 1709 किलोमीटर कुल लंबाई की 12 दोहरीकरण परियोजनाएं, जिनमें से 290 किलोमीटर लंबाई को कमीशन कर दिया गया है और मार्च, 2024 तक 5794 करोड़ रूपये का व्यय किया गया है। एकीकृत योजना बनाने, संभार दक्षता बढ़ाने तथा जनता, माल और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही हेतु बाधाओं को दूर करने, पर्यटक और सांस्कृतिक स्थलों सहित औद्योगिक समूहों, बंदरगाहों, खदानों, बिजली संयंत्रों, कृषि क्षेत्रों से संपर्कता स्थापित करने के उद्देश्य से, विभिन्न आर्थिक जोनों में मल्टीमोडाल संपर्कता अवसंरचना के विकास के लिए प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) के तहत पिछले तीन वर्षों (2021-22, 2022-23, 2023-24) और चालू वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान, राजस्थान राज्य में पूर्णत: अंशत: पडऩे वाली कुल 54 परियोजनाओं (23 नई लाइन और 31 दोहरीकरण) जिनकी कुल लंबाई 4,894 किलोमीटर है, के सर्वेक्षण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। रेल मंत्री ने बताया कि रेल परियोजनाओं को स्वीकृत करना भारतीय रेल की सतत और गतिशील प्रक्रिया है। रेल अवसंरचना परियोजनाओं को लाभप्रदता, अंतिम स्थान तक संपर्क, अनुपलब्ध कडिय़ों और वैकल्पिक मार्गों, असंबद्ध कस्बों और शहरों को जोडऩे, संकुलित/संतृप्त लाइनों के विस्तार, सामाजिक-आर्थिक महत्व आदि के आधार पर शुरू किया जाता है, जो चालू परियोजनाओं की दायिताओं, धन की समग्र उपलब्धता और प्रतिस्पर्धी मांगों पर निर्भर करता है। वर्ष 2014 से, अवसंरचना परियोजनाओं के लिए बजट आवंटन और तदनुरूपी कमीशनिंग में पर्याप्त वृद्धि हुई है। राजस्थान राज्य में पूर्णत: अंशत: पडऩे वाली अवसंरचना परियोजनाओं तथा संरक्षा कार्यों के लिए औसत वार्षिक बजट आबंटन और तदनुरूपी कमीशनिंग का ब्यौरा निम्नानुसार है- वर्ष 2009-14 में औसत परिव्यय 682 करोड़ प्रतिवर्ष तथा वर्ष 2024-25 में औसत परिव्यय 9959 करोड एवं 2009-14 के दौरान औसत आबंटन की तुलना में वृद्धि लगभग 15 गुना।कमीशनिंग: वर्ष 2009-14 में रेलपथ की कुल कमीशनिंग 798 किमी एवं औसत 159 किमी प्रतिवर्ष तथा वर्ष 2014-24 रेलपथ की कुल कमीशनिंग 3742 किमी एवं औसत 374 किमी प्रतिवर्ष (दोगुना से अधिक)यह भी रखी मांगसांसद चुन्नीलाल गरासिया ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से व्यक्तिगत मुलाकात कर उदयपुर से मुम्बई तक जाने के लिए टिन्टोई से मोडासा वाया बड़ौदा तक 20 किमी बचे हुए रेलमार्ग का सर्वेक्षण करवा कर मुम्बई तक रेल मार्ग को जोडऩे की मांग की। इस पर रेल मंत्री श्री वैष्णव ने कहा कि इस पर सरकार विचार कर रही है। संासद ने कई अन्य मुद्दों पर भी रेल मंत्री से चर्चा की। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... 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