24 न्यूज अपडेट नेशनल डेस्क। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जिसने यूनिफॉर्म सिविल कोड यूसीसी लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक विशेष कार्यक्रम में इसकी घोषणा की और जनता से किए गए इस महत्वपूर्ण वादे को पूरा करने पर अपनी खुशी व्यक्त की। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास के मुख्य सेवक सदन में आयोजित किया गया। सीएम धामी ने “समान नागरिक संहिता उत्तराखंड-2024“ की नियमावली और पोर्टल का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “यह भावुक क्षण है। हमने 3 साल पहले जनता से जो वादा किया था, उसे आज पूरा कर लिया।“ उन्होंने स्पष्ट किया कि यूसीसी किसी धर्म या वर्ग के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी को समान अधिकार देने के उद्देश्य से लागू किया गया है। 27 जनवरी को समान नागरिकता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई। इसका उद्देश्य समाज में एकरूपता लाना और सभी नागरिकों को समान अधिकार और दायित्व प्रदान करना है। बेटे और बेटी को समान संपत्ति अधिकार मिलेगा, चाहे वह किसी भी वर्ग से हों। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति पति/पत्नी, बच्चों और माता-पिता में समान रूप से वितरित होगी। पति-पत्नी को तलाक समान कारणों पर ही मिलेगा। केवल एक पक्ष के आधार पर तलाक संभव नहीं होगा। लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल को अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। इस नियम से अनुसूचित जनजातियों को छूट दी गई है। लिव-इन रिलेशनशिप से जन्मे बच्चों की जिम्मेदारी कपल की होगी। हर बच्चे को पहचान और अधिकार मिलेगा। युसीसी का लागू होना उत्तराखंड में कानून और सामाजिक ढांचे को नया आयाम देगा। सीएम धामी के नेतृत्व में इसे एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो राज्य में समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। इस कदम के बाद अन्य राज्यों पर भी यूसीसी लागू करने का दबाव बढ़ सकता है। यह पहल न केवल राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर भी एक नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation प्रयागराज महाकुंभ में स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती महाराज को महामंडलेश्वर की उपाधि राजस्थान के सभी जिलों की रिपोर्ट, कहां-किसने फहराया गणतंत्र दिवस पर तिरंगा