24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। आदिवासी जनाधिकार एका मंच राजस्थान राज्य कमेटी की बैठक प्रदेशाध्यक्ष दुलीचन्द मीणा की अध्यक्षता मे प्रदेश कार्यालय शिराली भवन उदयपुर मे सम्पन्न हुई। बैठक मे बोलते हुए प्रदेश अध्यक्ष दुलीचन्द मीणा ने बताया कि केंद्र व राज्य की नीतियो की वजह से आदिवासी रोजगार से वंचित होता जा रहा है। उन्होने बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश मे अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 8.6% है जबकि आरक्षण 7.6% ही दिया जा रहा है। राजस्थान के टी एस पी क्षेत्र की जनसंख्या 70% से अधिक है लेकिन स्थानीय भर्तियों मे आरक्षण 45% ही दिया जा रहा है।
निजीकरण व ठेकाकरण की वजह से आरक्षण न होने से आदिवासी रोजगार से वंचित हो रहा है। धरने मे पांचवी अनुसूची व पेसा कानून की पालना ,वनाधिकार कानून के तहत आदिवासियो को पट्टे देने, टी एस पी क्षेत्र के आदिवासियो को प्रशासनिक सेवा मे पृथक आरक्षण देने,छात्रवृतियो का समय पर भुगतान करने, छात्रावासो की व्यवस्था सुधारने, स्कूलों, काॅलेजों मे शिक्षको सहित सभी रिक्त पदो पर भर्ती करने की मांग की जायेगी। बैठक मे राज्य सचिव विमल भगोरा,उपाध्यक्ष प्रेमचंद पारगी, गौतम डामोर, संयुक्त सचिव शंकर पारगी, फाल्गुन भराडा, उदयपुर जिलाध्यक्ष हाकरचन्द खराडी , खलील खां, भुली बाई, शांतिलाल डोडा ने भाग लिया।
आदिवासियो को रोजगार से वंचित करने व अन्य मांगों को लेकर 10 फरवरी को राजभवन पर देंगे धरना

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