24 न्यूज अपडेट उदयपुर। आज उदयपुर के कन्हैयालाल साहू हत्याकांड को 2 साल हो चुके हैं और पूरा देश इस पर चर्चा कर रहा है। आतंकवादियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहा हैं। दो साल में ऐसा कोई चुनाव नहीं गया जिसमें मंच से नेताओं ने कन्हैयालालजी का नाम लेकर राजनीतिक रोटियां नहीं सेकी हों। हत्याकांड के बाद उमड़ी सहानुभूति की लहर में कन्हैयालाजी के परिवार को बड़ी आर्थिक मदद सरकारी और निजी स्तर पर दी गई लेकिन इस हत्याकांड के चश्मदीद गवाह राजकुमार शर्मा और उनके परिवार के लिए यह दुखांतिका उनके जीवन में कभी न खत्म होने वाला अंधियारा लेकर आ गई। राजकुमारजी पूरे मामले के एकमात्र चश्मदीद गवाह है। घटना के बाद उन्हें गहरा मानसिक आघात लगा व ऐसे बीमार पड़े कि लंबे समय से बिस्तर में ही हैं। हिल डुल तक नहीं सकते। उनकी इस हालत के बावजूद बहुत ज्यादा मीडिया में सुर्खियां आने के बाद सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर कुछ मदद हुई लेकिन वह नाकाफी थी। तब बड़े-बड़े नेताओं ने आकर कहा था कि हम इनकी बिटिया की शादी धूमधाम से करवाएंगे, कई लोगों ने आर्थिक मदद की घोषणा की थी। खुद पूर्व सीमए वसुंधरा राजे ने कहा था कि वे मदद करेंगी, बिटिया की शादी में आएंगी। कुछ उद्योगपतियों ने भी मदद की बात कह वाहवाही खूब लूटी लेकिन जब बिटिया की शादी करीब आई है व 10 दिन ही रह गए हैं तो मदद करने की बात करने वाले कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। उनकी पत्नी कहती हैं कि हम शादी की तैयारियां करें या इनको संभालें। उन्होंने कन्हैयालाल के हत्यारों को जल्दी फांसी देने की भी मांग की।
आंख भर आएगी कन्हैयालाल हत्याकांड के चश्मदीद गवाह राजकुमारजी का दुःख देखकर, 10 दिन बाद है बिटिया की शादी,,,,कहां छिप गए हैं बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर मीडिया में वाहवाही लूटने वाले समाजसेवी और नेता

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