24 न्यूज अपडेट निम्बाहेड़ा। राजस्थान सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का लाभ राजस्थान के बाहर अन्य राज्यों में नही मिलने से राज्य की जनता को हो रही समस्या के निराकरण के लिए पूर्व यूडीएच मंत्री एवं विधायक श्रीचंद कृपलानी ने विधानसभा का प्रभावी तरीके से ध्यानाकषर्ण किया।मंगलवार को विधानसभा में ध्यानाकषर्ण प्रस्ताव रखते हुए विधायक कृपलानी ने राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना को केंद्र की प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना से जोड़ते हुए राज्य की जनता को अन्य राज्यों में भी उपचार का लाभ मिल सके इसको लेकर सदन का ध्यान आकर्षित किया।इस पर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने सदन में बताया कि राज्य की जनता के उत्तम स्वास्थ्य के लिए राज्य सरकार पूर्णतः कटिबद्ध है, इस सम्बंध में प्रथम चरण में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आगामी सितम्बर माह से अन्य राज्य का कोई भी व्यक्ति राजस्थान में आकर उपचार करवा सकेगा, वहीं दूसरे चरण में आगामी 3-4 माह के बाद राजस्थान के लोग भी पूरे भारत में योजना के अंतर्गत किसी भी राज्य में जा कर अपना उपचार करवा पाएंगे।चिकित्सा मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों की अन्य राज्यों में उपचार की व्यवस्था आगामी कुछ महीनों में सुनिश्चित कर ली जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा कदम उठाये जा रहे हैं। वर्तमान में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 5 लाख रुपये व मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में 25 लाख रुपये तक का कवरेज है। इसके अंतर्गत राज्य के 66.37 लाख परिवार प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना व लगभग 73 लाख परिवार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में सम्मिलित हैं। इसमें उपचार के लिए नेशनल हैल्थ ऑथोरिटी के अंतर्गत 2500 पैकेज व राज्य सरकार के अंतर्गत 1800 से अधिक पैकेज हैं, इस अंतर में कम्पेटिबिलिटी लाने के पूरे प्रयास किये जा रहे हैं, जिसे शीघ्र ही वित्त विभाग की अनुमति लेकर सॉफ्टवेयर्स की कम्पेटिबिलिटी सुनिश्चित कर ली जाएगी।विधायक कृपलानी ने सदन में बताया कि राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र खासकर उदयपुर संभाग के अधिकतर मरीज उपचार के लिए गुजरात के अहमदाबाद जाते हैं, जहां इस योजना का लाभ नही मिलने पर मायूस होते हैं, ऐसे में केंद्र और राज्य की इन दोनों योजनाओं को शीघ्र ही एक कर आमजन को राहत दिलाई जाए। इस पर चिकित्सा मंत्री खींवसर ने सदन के माध्यम से अवगत करवाया कि इस दिशा में सरकार कार्य कर रही है, जिसमें फिलहाल तीन से चार माह तक का समय लगने की संभावना है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation गौशालाओ में गोवंश के भरण पोषण राशी में वृद्धि किये जाने की सख्त आवश्यकता आक्या बाइक पर जा रहे थे एक ही परिवार के 6 जने, अज्ञात वाहन ने 5 को कुचला