Site icon 24 News Update

निगम के ऑफिस से 10 कदम दूर आखिर कैसे हो गया अवैध निर्माण, क्या कर रहे थे अधिकारी, सेटबैक में बनाई कैफे की दीवार तोड़ी, जिनकी वजह से हुआ निर्माण उन पर क्या कार्रवाई??????

Advertisements

24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। नगर निगम की ओर से आजकल जो कार्रवाइयां की जा रही हैं उनमें एक बडा सवाल उठ रहा है कि इतना भारी भरकम निर्माण होते समय अधिकारी व कर्मचारी कहां थे जिन पर अतिक्रमण को रोकने की जिम्मेदारी थी, जो इस बात की हर महीने तनख्वाह लेते हैं। निर्माण होता रहा और वे या तो सोते रहे या फिर किसी न किसी प्रलोभन के चलते चुप बैठे रहे। निर्माण के बाद भी नहीं जागे जब तक कि कोई शिकायत नहीं आ गई। इस बीच नोटिस-नोटिस का खेल खेलते रहे ताकि जवाबदेही तय होते समय नोटिसों की आड़ में बचाव किया जा सके। सवाल उठता है कि एक ईंट भी आखिर कोई कैसे अवैध रूप से रख सकता है और रखता है तो तभी जुर्माना क्यों नहीं लगता। तभी निगम का दस्ता क्यों नही ंआता। लाखों का निर्माण हो जाता है जिसको जनता के पैसों के तनख्वाह पाने वाले कर्मचारियों को भेज कर तोड़ा जाता है। आखिर यह दस्तूर कब तक चलता रहेगा। ताजा मामला निगम से 10 कदम दूर का है। सूरजपोल पर अशोक परिसर में स्थित रूटेज रेस्टोरेंट पर कार्रवाई की। रेस्टोरेंट में आगे दीवार बना कर पीछे अस्थायी ढांचा बना दिया गया था जो अवैध था। नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश के निर्देश पर टीम ने नियमानुसार रूटेज कैफे पर कार्रवाई शुरू की। इससे पहले मालिक के नाम निगम ने नोटिस जारी किया। विधिक प्रक्रिया अपनाकर मौके पर टीम गई। टीम ने इस कैंपस में सेटबैक एरिया में हुए निर्माण पर पंजा चलाते हुए उसे ध्वस्त कर दिया।एक दीवार को तोड़ा गया।अंदर जो लोहे के एंगेल थे उनको गैस कटर मंगवा कर काटा गया। अब सवाल उठता है कि ऐसी ही विधिक प्रक्रिया अपना कर क्या उन कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी जो इस निर्माण के बनते समय मूकदर्शक बन गए थे। इतना बडा निर्माण एक दिन में तो नहीं हो गया या रातोंरात तो खड़ा नहीं हो गया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब अफसरों को निगम के सामने हो रहा निर्माण ही नहीं दिख रहा है तो फिर इंटीरियर इलाकों में क्या हालात होंगे, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। या फिर आज ऐसे निर्माण हो रहे हैं जो शायद चार-पांच साल बार अवैध हटा कर नियमानुसार नोटिस देकर तोड़े जांएगे। यह सिलसिला खत्म होना ही चाहिए। टीम में राजस्व अधिकारी नीतिश भटनागर, नगर निगम के सीआई मांगीलाल डांगी, राजस्व निरीक्षक विजय जैन, राहुल मीणा सहित पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी साथ थे।

Exit mobile version